Chhattisgarh Raipur

नक्सली और धर्मांतरण कराने वाले चला रहे पत्थलगढ़ी अभियान: बृजमोहन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने चल रहे ‘पत्थलगढ़ी’ अभियान को राष्ट्रविरोधी बताया है। प्रदेश के आदिवासी समाज से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रद्रोहियों को पहचानें और उनसे दूर रहें। उन्होंने कहा कि जिन्हें आदिवासी समाज का विकास चुभ रहा है, ऐसे लोग सीधे-साधे आदिवासियों को बरगला रहे है। वे पत्थलगढ़ी की पुरातन गौरवशाली परंपराओं के विपरीत कार्य करने के लिये उन्हें बाध्य कर रहे है। बृजमोहन ने कहा कि पत्थलगढ़ी में गांव-समाज की गौरवगाथा को दुनिया जान सकती थी, पर आज जारी पत्थरगढ़ी में उन्हें मातृभूमि के प्रति उनके हक से जुदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

बृजमोहन ने कहा कि आज पूरे देश में पत्थलगढ़ी आंदोलन की चर्चा हो रही है। इसलिए पत्थलगढ़ी को समझना सभी के लिये आवश्यक है। यह हमारे देश में वनवासी समाज में पुरानी परंपरा रही है, जिसमे वनवासी अपनी गौरवगाथा को गांव की सीमा पर पत्थर गड़ाकर उस पर लिखते थे कि उस गांव के किन-किन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया, उस गांव में कौन महापुरुष हुए हैं, उस गांव की क्या विशेषता है आदि।

इसके पीछे मकसद था कि बाहर से इस गांव में आने वाले व्यक्ति को उस गांव के बारे सारी जानकारी मिल जाए। लेकिन आज पत्थलगढ़ी को गलत रूप में प्रस्तुत करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। पूरे गांव मे पत्थर का घेरा बनाकर कुछ लोगों का यह कहना कि पुलिस को घुसने नहीं देंगे, किसी सरकारी अधिकारियों को नहीं घुसने देंगे, गांव के लोग आधार कार्ड नहीं बनाएंगे, गांव में घुसने के लिए लोगों को परमिशन लेना पड़ेगा, राशन कार्ड, स्मार्ट कार्ड नहीं बनाएंगे, यह अनुचित है। जो पुलिस, जो प्रशासन उनकी सुरक्षा करता है, उनके विकास का जिम्मा उठाता है, उनको ना घुसने देना यह पत्थलगढ़ी का असली स्वरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि आज कुछ ऐसे लोग हैं जो देश के विभाजनकारी नीति पर चलने की कोशिश कर रहे हैं। ये नक्सलवादी तथा धर्मांतरण कराने वाले लोग, ये राष्ट्र विरोधी हैं। ऐसे तत्व हमारे वनवासी भाइयों को गुमराह करके उन्हें देश की मुख्यधारा से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुमार दिलीप सिंह जूदेव थे, जिन्होंने वनवासियों के विकास के लिए पूरी शिद्दत के साथ काम किया। वनवासियों के चरण धोकर पूजन किया और धर्मांतरण को रोकने का कार्य किया। उनके चले जाने के बाद जो नक्सलवादी तथा धर्मांतरण कराने वाले लोग इस पत्थलगढ़ी के मध्यम से अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे है।

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