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छत्तीसगढ़ में धधकी फिल्म पद्मावती का विरोध की ज्वाला

रायपुर: संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का जोरदार विरोध छत्तीसगढ़ में शुरू हो गया है। इसके लिए सारे क्षत्रिय संगठन लामबंद हो चुके हैं। राजपूत संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अवधेश सिंह गौतम, ठाकुर राकेश सिंह बैस, ठाकुर दया शंकर सिंह और ठाकुर राजेंद्र सिंह दद्दा ने एक स्वर में कहा है कि पूरा समाज इस फिल्म के विरोध में उठकर खड़ा हुआ है। हम अपनी महारानी पद्मावती के गलत चित्रण से आहत हैं। ऐसे में इस फिल्म को किसी भी सिनेमा हाल में चलने नहीं दिया जाएगा। गुरुवार को रायपुर, बिलासपुर, गरियाबंद, दंतेवाड़ा और मुंगेली में इस फिल्म के बैनर और पोस्टर्स के अलावा संजय लीला भंसाली का पुतला फूंक कर विरोध जताया गया। ठाकुर राकेश सिंह बैस और ठाकुर दया शंकर सिंह ने कहा कि इस फिल्म को किसी भी कीमत पर छत्तीसगढ़ के किसी भी सिनेमा हाल में चलने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए चाहे जो भी कुर्बानी देनी पड़े समाज देने को तैयार है। तो वहीं ठाकुर राजेंद्र सिंह दद्दा ने कहा कि हम हर कीमत पर इसका विरोध करते हैं। किसी को भी हमारे पुरखों के बारे में ऐसी गलत और भ्रामक बातें फैलाने का हक नहीं है। ऐसा करने वालों को हम मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं।

11 को बैठक में होगा सामूहिक फैसला :

ठाकुर अवधेश सिंह गौतम ने कहा कि फिल्म का विरोध दंतेवाड़ा से शुरू हो चुका है। 11 नवंबर को रायपुर में सभी समाजों के साथ बैठक कर इसके बारे में प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। समाज का सरकार से आग्रह है कि वो तत्काल पूरे देश में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए। इसके बावजूद भी अगर इसके प्रदर्शन पर रोक नही लगाई गई तो क्षत्रिय समाज इसका बदला लेने के लिए सड़कों पर संग्राम करने उतरेगा, इसमें कोई भी दो राय नहीं है।
हमारा समाज कानून और प्रशासन का सम्मान करता है, मगर यदि किसी के सम्मान को कोई ठेस पहुंचाए और कानून चुप्पी साधे तमामशबीन बना रहे तो फिर उस कानून के होने और न होने से क्या फायदा? इस आंदोलन में क्षत्रिय समाज को करणी सेना, बजरंग दल जैसे सामाजिक संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसके और भी तेज होने के आसार हैं।

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