Bilaspur Chhattisgarh

बिलासपुर फैमिली कोर्ट में पदस्थ एडीजे की मौत के बाद रखा गया शोक सभा

बिलासपुर: जिले में दो दिन पहले हुए सड़क दुर्घटना में बिलासपुर एडीजे की मौत के बाद बिलासपुर जिला न्यायालय में शोक की लहर सी छा गई है. बता दें कि सड़क दुर्घटना के बाद उनके गृहग्राम में उनका अंतिम संस्कार किया गया. इसी क्रम में बुधवार को जिला न्यायालय की परंपरा के मुताबिक दोपहर 12 बजे जिला न्यायालय के सामुदायिक भवन में शोक सभा रखा गया था. इस दौरान उनकी शोक सभा में  न्यायाधीश, जिला अधिवक्ता संघ और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे.

परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विनोद कुजूर ने शोकसभा के दौरान अधिवक्ताओं से अपने और एडीजे राठिया के मधुर संबंध के बारे में बताते हुए भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गई. उन्होंने बताया कि एडीजे राठिया अंतर्मुखी थे. वे अपने केस को पेंडिंग न रख उसका जल्द निष्पादन कर देते थे. मिलनसार स्वभाव होने के कारण उनकी कमी सभी को खल रही है.

प्रधान न्यायाधीश कुजूर ने यह भी कहा कि जैसे सीधे और सरल राठिया थे, वैसे ही उनका परिवार भी सरल और ग्रामीण परिवेश में रहता है. उन्होंने कहा कि करीब 2 वर्षों से बिलासपुर फैमिली कोर्ट में बतौर एडीशनल प्रिसिंपल जज के रूप में दिलेश्वर राठिया कार्यरत थे. उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश से अलग हटकर वे परिवार के एक सदस्य की तरह लोगों को समझाते थे.

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