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Bilaspur Chhattisgarh

किसानों के फायेदे के लिए अनार रोपणी कार्यक्रम

बिलासपुर: जिले के किसानों की आय बढ़ाने और जरूरत को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर में अनार मातृ रोपणी की गई है, ताकि जिले के किसानों को अनार फलवृक्ष की अच्छी किस्में उपलब्ध कराई जा सके।
अनार के विविध किस्मों के पौधे भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर-राष्ट्रीय अनार अनुसंधान केन्द्र, सोलापुर (महाराष्ट्र) से लाया गए हैं। जिनमें मुख्य रूप से अनार की किस्म मृदुला (गाढ़ा लाल दाना, मुलायम बीज, उपज 18-23 टन/हे.), भगवा (बड़ा फल, लाल दाना, मुलायम बीज, उपज 16-20 टन/हे.), जी 137 (बड़ा फल, गुलाबी दाना, मुलायम बीज, उपज 27-31 टन/हे.), अरक्ता (गाढ़ा लाल दाना, मध्यम फल, मुलायम बीज, उपज 18-23 टन/हे.), सोलापुर लाल (उपज 23-27 टन/हे.) और सुपर भगवा का पौधरोपण किया गया ताकि भविष्य में जिले के समस्त कृषकों को आसानी से अनार पौध उपलब्ध हो सके और कृषक, अनार बगीचा विकसित कर अपनी आय में दोगुनी वृद्धि कर सकें।
विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बद्रीधर दीवान, उपाध्यक्ष, गीतांजली कौशिक, जनपद पंचायत अध्यक्ष बिल्हा डॉ. एके साहू, अधिष्ठता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. दुष्यंत कौशिक, संयुक्त संचालक कृषि, एससी पद्म, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. निवेदिता पाठक, सुशीला ओहदार, नीलकमल पटेल, स्वाति शर्मा और उपस्थित कृषक बंधुओं के सहयोग से अनार पौधरोपण सफलतापूर्वक किया गया।

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