Chhattisgarh Rajnandgaon

स्लीपाट फैक्ट्री में चोरी की रेत से हो रही लाखो रूपये की हेराफेरी

वार्ड नं. 2 में अवैध रेत से किया जा रहा है सीसी रोड निर्माण

डोंगरगढ़। धर्मनगरी के नाम से विख्यात मां बम्लेष्वरी देवी की नगरी डोंगरगढ़ की एक मात्र स्लीपाट फैक्ट्री जो रेल्वे प्रषासन और ठेकेदारो के संयुक्त साझेदारी से संचालित हो रही है वहां पर रेल्वे के ठेकेदार के द्वारा चोरी की रेत को सस्ते दामों में खरीदकर स्लीपाट का निर्माण किया जा रहा है और बिना रायल्टी पर्ची के लाखो रूपये के बिलो का भुगतान रेल्वे प्रषासन द्वारा इन ठेकेदारो किया जा रहा है। चोरी की रेत से होने वाले स्लीपाट निर्माण का भंडाफोड़ आज श्रमजीवी पत्रकार संघ ब्लाक इकाई की टीम ने किया संघ के सदस्यों ने आज नांगतराई से बधियाटोला जाने वाले मोड़ पर ऐसे वाहनो को देखा जिसमें रेत भरी हुई थी उनसे जानकारी लेने पर पता चला कि उक्त रेत मुड़पार नदी से लाई जा रही है और यह रेत स्लीपाट फैक्ट्री ले जाई जा रही है। एक डंफर जिसका वाहन क्रमांक सीजी 08 ्र्र 4177 जो विक्की ब्रदर्स के नाम से संचालित है जब इनके चालक से जानकारी ली गई तो उन्होने बताया कि उक्त वाहन तेन्दूनाला निवासी संपत सिन्हा का है और वे मुड़पार नदी से बिना किसी रायल्टी पर्ची के रेत खनन करकर ला रहें है और डोंगरगढ़ स्लीपाट फैक्ट्री ले जा रहें है। अब यहां पर सोचने वाली बात यह है कि जहां एक ओर रेल्वे प्रषासन के ठेकेदार के द्वारा राज्य प्रषासन को प्रतिवर्ष लाखो रूपये की रायल्टी का चूना लगाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर रेल्वे प्रषासन के द्वारा इन ठेकेदारो को बिना किसी रायलटी पर्ची के लाखो रूपये के बिलों का भुगतान कैसे किया जा रहा है।

यह दोनो बातें इस ओर इषारा करती है कहीं ना कहीं रेल्वे प्रषासन एवं राज्य प्रषासन के संबंधित अधिकारी कर्मचारी इस बात वाकिफ होने के बाद भी अनजान बने बैठे है और इस अवैध कारोबार अपना सरंक्षण दे रहें है क्योंकि रेत चुराने वाले वाहन मालिको के द्वारा स्पष्ट कहा जा रहा है कि वे होली दीवाली में संबंधित अधिकारियों का मुंह मीठा कराते है इसलिए बेधड़क रेत चुराते है। इसी तरह वाहन माजदा क्रमांक सीजी 08 रु 2807 के चालक व मालिक ह्रदयलाल वर्मा ने बताया क वे मुड़पार नदी से रेत खनन करके ला रहें है और डोंगरगढ़ के ठेकेदार राकेष अग्रवाल के पास ले जा रहें है इस रेत का उपयोग वार्ड क्रमांक 02 में चल रहें सीसी रोड निर्माण में किया जायेगा।

आपको बता दें कि वार्ड क्रमांक 02 दंतेष्वरीपारा में ठेकेदार राकेष अग्रवाल द्वारा सीसी रोड निर्माण का ठेका लिया गया लेकिन वे स्वंय कार्य ना करके पेटी ठेकेदार सिन्हा को उक्त कार्य को दे दिया और स्वंय मटेरियल सप्लाई कर रहें है उन्ही मटेरियल में रेत भी षामिल है जो नदी से चोरी की गई है। अब आप खुद ही सोचिए कि चोरी की रेत को सस्ते दामों में खरीदकर सरकारी निर्माण करना और उसके एवज भारी भरकम बिल लगाकर षासन को चूना लगाने का खेल कितने सुनियोजित तरीके से चल रहा है।
खनिज अधिकारी ने कहा- इस संबंध में जिला खनिज निरीक्षक नागेष ने कहा कि चूंकि इस संबंध में कोई षिकायत तो नही मिली है मीडिया के माध्यम से सूचना मिली है जल्द ही इसकी जांच कर कार्यवाही की जायेगी।

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