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Ambikapur Chhattisgarh

उठाईए और डालिए श्रीमान्, टीम पहुंची तो देना पड़ेगा जुर्माना

अंबिकापुर: शहर में पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के एक सदस्य को आज क्रॉस चेकिंग के दौरान एक पान दुकानदार की घुड़की खानी पड़ी। दरअसल टीम के एक सदस्य शहर की पान दुकान में पहुंचे और गुटखा पाऊच खरीदकर फाड़ा और सड़क में फेंक दिया। देखते ही दुकानदार ने कहा जनाब पाऊच उठाईए और डस्टबीन में डालिए। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है, निगम की टीम पहुंचेगी तो हमें जुर्माना देना पड़ेगा। पान दुकानदार की इस बात से टीम के सदस्य प्रभावित हुए। इसके अलावे 54 वर्ष पुराने सांडबार के डंपिंग यार्ड को सेनेटरी पार्क और 156 प्रकार के कचरों का सेग्रीगेशन देख टीम के सदस्य दंग रह गए। तीसरे दिन शहर के कई क्षेत्रों में सर्वेक्षण टीम पहुंची व फीडबैक लिया। मौके पर शहरवासी सकारात्मक फीडबैक दे रहे हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तीन दिनों से भारत सरकार की चार सदस्यीय टीम शहर में डटी है। दो दिनों तक डाटा सेंटर में सर्वेक्षण से संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने के साथ पोर्टल में अपलोड किया। इसके बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में सार्वजनिक शौचालयों के साथ स्वच्छता का जायजा टीम के सदस्य लेते रहे। इसके अलावा लगातार शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर लोगों से फीडबैक लिया। तीसरे दिन बुधवार को टीम का एक सदस्य सांडबार स्थित 54 वर्ष पुराने डंपिंग यार्ड पहुंचे, जिसे निगम ने सेनेटरी पार्क के रूप में तब्दील किया है। पार्क में ही सेग्रीगेशन सेंटर बनाया है, जहां शहर के 156 प्रकार के कचरों को अलग-अलग डब्बे में छंटाई के बाद रखा जा रहा है। प्रक्रिया को देख टीम के सदस्य आश्चर्यचकित रह गए। उनको कहना पड़ा कि ऐसा काम पूरे देश में कहीं नहीं देखा। वहीं टीम के एक सदस्य को उस समय एक पान दुकान संचालक से फटकार मिली जब क्रॉस चेंकिंग के लिए उन्होंने एक पाऊच खरीदा और फाड़कर दुकान के सामने फेंक दिया। इसे देख दुकानदार ने तत्काल टोका और पाऊच का टुकड़ा उठाकर डस्टबीन में डालने की न सिर्फ नसीहत दी बल्कि यह कहा शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है, निगम के कर्मचारी अगर पहुंच गए तो उस पर जुर्माना लगाएंगे। पान दुकानदार की इस बात ने टीम के सदस्य को काफी प्रभावित किया।

 

डोर-टू-डोर कलेक्शन से प्रभावित

टीम के सदस्य अंबिकापुर शहर के मॉडल कचरा प्रबंधन का प्रमुख अंग डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को सुबह-शाम देख रहे हैं और महिलाओं के मेहनत से खासे प्रभावित हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि जितने बार शहर में टीम के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में निकलते हैं महिलाएं रिक्शा लेकर लोगों के घरों से कचरा कलेक्शन करती नजर आती हैं।

 

दस्तावेजों से शत-प्रतिशत अंक मिलने की उम्मीद

स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार चार हजार अंकों का खेल चल रहा है इसमें बारह सौ अंक स्वच्छता की गतिविधियों से मिलने हैं। अखबारों की कतरन सहित अन्य गतिविधियों का खजाना निगम के पास है। स्वच्छता में खलल डालने वाले पर वसूले गए जुर्माने की रसीद सहित कई ऐसे दस्तावेज निगम के पास हैं जिससे शत-प्रतिशत अंक मिलने की उम्मीद है। वहीं क्रॉस चेकिंग में भी सकारात्मक जवाब लोगों से आ रहे हैं, ऐसे में एक हजार अंक पूरे-पूरे मिले तो शहर को दोबारा देश में नंबर वन बनने से कोई नहीं रोक सकेगा।

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