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Chhattisgarh Rajnandgaon

राजनांदगांव कलेक्टर ने दिए बीईओ को हटाने निर्देश

राजनांदगांव :  हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के छमाही परीक्षा के कमजोर नतीजों, मॉनिटरिंग में ढीलेपन और अन्य मानदंडों में खराब प्रदर्शन के चलते कलेक्टर ने बीईओ राजनांदगांव को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही कमजोर नतीजों के चलते डोंगरगांव, डोंगरगढ़, चौकी और मानपुर के बीईओ को नोटिस जारी किया।

जिन स्कूलों के नतीजे 33 प्रतिशत से नीचे रहे, उनके प्राचार्यों पर कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर ने कमजोर नतीजों में विषयवार भी परीक्षण किया। उन्होंने कमजोर नतीजों वाले शिक्षकों को चिन्हांकित कर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया।

कलेक्टर ने कहा कि आपके हाथों में सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य निर्भर है और इस पर लापरवाही बरते जाने से एक पूरी पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। ऐसा कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि एक स्कूल में यदि नतीजे 50 फीसदी से अधिक हैं और उसी ब्लॉक के एक स्कूल में नतीजे 10 फीसदी से भी कम हैं और यदि स्टाफ भी पर्याप्त है तो इसका साफ मतलब है कि टीचर अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहण नहीं कर रहे।

उन्होंने कहा कि आपकी शाला गतिविधियों की रियल टाइम बेसिस पर मॉनिटरिंग की जा रही है। नीति आयोग की ओर से भी नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपकी नियमित उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की स्थिति की मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
समीक्षा में जिनका कार्य असंतोषजनक पाया जाएगा, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने उन प्राचार्यों की प्रशंसा की जिनके नतीजे बेहतर आए। उन्होंने इन प्राचार्यों को अपने अनुभव साझा करने कहा। प्राचार्यों ने कहा कि वे एक्स्ट्रा क्लास भी ले रहे हैं साथ ही बच्चों को होमवर्क भी करा रहे हैं।

कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि डिक्शनरी हमेशा क्लास में रखें। ग्लॉसरी के शब्दों की स्पेलिंग और इनके मायने बच्चों को जरूर याद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की ओर से जिन बातों की मॉनिटरिंग होनी है। उनमें बच्चों की सीखने की क्षमता (लर्निंग आउटकम) फंक्शनल शौचालयों की उपलब्धता, गणित-भाषा की दक्षता और बोर्ड एग्जाम में रिजल्ट शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीति आयोग की ओर से चिन्हित 115 जिलों में से किसी भी जिले में अप्रैल महीने में आएंगे और स्वयं शिक्षा की स्थिति का निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्राचार्यों की ओर से चिन्हांकित क्षेत्रों में तत्काल व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी ताकि वे पूरी तन्मयता से बेहतर नतीजे लाने में जुट जाएं।

उन्होंने कहा कि बेहतर करियर के लिए के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनडीए की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसके लिए टेस्ट सीरीज का हो ताकि प्रशिक्षण के लिए मेधावी विद्यार्थियों को चुना जा सके।

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