Chhattisgarh Janjir

रेत माफिया खुलेआम उड़ा रहे नियम-कायदों की धज्जियां

0 हसदेव और महानदी में रेत उत्खनन का गोरखधंधा जारी

राजेन्द्र राठौर

जांजगीर-चांपा. जिले से होकर गुजरी हसदेव और महानदी में अब भी रेत उत्खनन का गोरखधंधा चल रहा है। रेत माफिया खनिज अफसरों के दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन के वक्त नदी किनारे रेत का उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं।

रेत माफियाओं के लिए हसदेव और महानदी कमाई का बड़ा जरिया बना हुआ है। नदी के किनारे के हिस्सों को माफियाओं ने रेत घाट का रूप दे दिया है। दोनों नदियों में दर्जनों ऐसे रेत घाट हैं, जो बेनामी तरीके से संचालित किए जा रहे हैं। खनिज विभाग के दस्तावेजों में इन घाटों को बहुत पहले बंद कर दिया गया है। दस्तावेजों में इन घाटों से रेत का उत्खनन नहीं हो रहा है, जबकि खनिज विभाग के दावों के विपरीत माफिया इन घाटों का अब भी जमकर उपयोग कर रहे हैं।

विभागीय अफसरों के दावों की सच्चाई जानने हसदेव और महानदी के कुछ घाटों का मुआयना किया गया तो कई घाटों में पोकलेन दिखी। वहीं मशीन के आसपास कुछ लोग खड़े थे, जो मशीन के जरिए रेत का उत्खनन करवा रहे थे। रेत की खुदाई के बाद पास में खड़े ट्रैक्टर में इसकी लोडिंग भी की जा रही थी। रेत घाट के आसपास कई ट्रैक्टर कतार से खड़े थे। उत्खनन करने वाले व परिवहन में शामिल ट्रैक्टर ड्राइवर बेखौफ होकर अपना काम कर रहे थे।

सड़कों के किनारे अवैध डंपिंग
रेत के गोरखधंधा में शामिल लोगों ने हसदेव और महानदी का सीना चिरने के साथ जांजगीर और चांपा शहर के मुख्य सड़क मार्ग के दोनों किनारों को अवैध डंपिंग स्पॉट में तब्दील कर दिया है। सड़कों के दोनों किनारे के अलावा कई स्थानों पर अवैध तरीके से रेत डंप किया गया है, जिसे वे मोटी कीमत लेकर बेच रहे हैं। रेत डंप होने से संबंधित स्थानों से आवागमन करने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

निजी जमीन को भी नहीं छोड़ रहे
बेतरतीब तरीके से रेत के उत्खनन में शामिल माफिया सड़कों के किनारे और सरकारी स्कूल परिसर के अलावा निजी जमीन को भी नहीं छोड़ रहे हैं। जहां जमीन खाली देख रहे हैं, वहीं दर्जनों ट्रक रेत को डंप कर दे रहे हैं। इसके चलते निजी भूमि स्वामियों से विवाद की स्थिति भी बन रही है।

टॉस्क फोर्स की अता-पता नहीं
रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के गोरखधंधे को रोकने के लिए खनिज विभाग ने टॉस्क फोर्स का गठन किया है। मगर टॉस्क फोर्स का अता-पता नहीं है। हसदेव और महानदी से रेत का अवैध उत्खनन और सड़कों तथा सरकारी स्कूलों व निजी भूमि में डंप हो रहे रेत की ओर टॉस्क फोर्स में शामिल अधिकारियों की नजर क्यों नहीं जा रही है, यह समझ से परे है। सड़कों के किनारे सैकड़ों ट्रक डंप रेत के कारण रात के वक्त दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

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