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SAVE TIGER- क्या सरिस्का और पन्ना की तरह बारनवापारा में भी हो गया बाघों का सफाया

– २०१४ में छत्तीसगढ़ वन विभाग ने मध्यप्रदेश से मांगे थे बाघ

– मध्यप्रदेश ने देने से कर दिया था इंकार

रायपुर. राजस्थान के सरिस्का और मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के बाद अब प्रदेश के बारनवापारा अभयारण्य से भी बाघों के सफाया होने के संकेत मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने बारनवापारा में बाघों के पुर्नस्थापना के लिए पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से २०१४ में बाघों की मांग की थी। लेकिन मध्यप्रदेश वनविभाग ने सुरक्षा की कमी का हवाला देते हुए बाघों को देने से मना कर दिया और राष्ट्रीय बाघ सरक्षंण प्राधिकरण के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप मांग करने की बात कही। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने माना है कि बारनवापारा में बाघ दिखाई नहीं दे रहे हैं।

पत्र में यह था हवाला

छत्तीसगढ़ वनविभाग ने ११ अप्रैल १४ को दिए पत्र में कहा कि बारनवापारा अभयारण्य जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है मध्य भारत में पाए जाने वाले अधिकांश वन्यजीव इस अभयारण्य में पाए जाते हैं। इस अभयारण्य में बाघों की उपस्थिति भी रही है। मध्यप्रदेश राज्य में लगभग सभी टाइगर रिजर्व में बाघों की बहुतायात है। कई टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या उनकी धारक क्षमता से अधिक है और वे टाइगर रिजर्व के क्षेत्र से बाहर आ रहे हैं। विगत वर्षों में पन्ना टाइगर रिजर्व में दूसरे टाइगर रिजर्व से लाकर बाघ को बसाया गया जो काफी सफल रहा। बारनवापारा में अभयारण्य में बाघों को पुर्नस्थापित करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने यह अनुरोध किया कि बारनवापारा में बाघों को पुन: बसाने के लिए एक नर एवं दो मादा बाघ को प्रदाय करने की सहमति मांगी।

स्पष्टीकरण से बच रहा है वन विभाग

वन्यजीव विशेषज्ञ अजय दुबे का कहना है कि छत्तीसगढ़ वन विभाग बाघों की सुरक्षा के लिए संजीदा नहीं है। बारनवापारा में पिछले कई सालों से बाघ की कोई आहट नहीं मिली है। मध्यप्रदेश से बाघ लेकर वह अपनी खामियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। प्रोपर चैनल एनटीसीए से अगर बाघों की मांग छत्तीसगढ़ सरकार करती तो उन्हें पुराने बाघों के गायब होने का कारण स्पष्ट करना पड़ता। अगर वहां ८ बाघ हैं तो उनकी मल्टीपल ग्रोथ होनी चाहिए थी जो नहीं हुई। अगर वहां बाघ हैं तो मध्यप्रदेश से मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। सवाल यह भी उठता है कि अगर मध्यप्रदेश से बाघ यहां नहीं दिए गए तो ८ बाघ कहां से आ गए।

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