Chhattisgarh Jagdalpur

सुकमा घटना के दौरान वायरल हुआ था फोर्स का गोपनीय ट्रेकर लोकेशन मैप!

सुकमा में हुए दो नक्सली घटनाओं के दौरान सोशल मीडिया में में फ़ोर्स का ट्रेकर लोकेशन मैप वायरल हुआ था. नक्सलियों के खिलाफ चलने वाले आॅपरेशन में ट्रेकर लोकेशन सुरक्षा बलों के लिए काफी महत्वपूर्ण हिस्सा है. लोकेशन मैप सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है.

बता दें कि बीते 13 मार्च को सुकमा के क्रिस्टाराम में नक्सलियों ने लगातार दो घटनाओं को अंजाम दिया था. दूसरी घटना में मावोवादियो ने एंटी लैंड माइंस व्हीकल को बारूदी विस्फोट कर उड़ा दिया था. इस घटना में सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद हो गए थे.

सुकमा में नक्सली वारदात के बाद विस्फोट स्थल के फोटो व वीडियो के साथ ट्रेकर लोकेशन का फोटो भी वायरल हुआ.
सोशल मीडिया में वायरल हुए ट्रेकर लोकेशन मैप में दिखाई दे रहे बिंदु फ़ोर्स के मुव्हामेंट को बता रहे हैं. इसके जरिये फोर्स की मुव्हमेंट की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने अ रही है.

ट्रेकर लोकेशन के सोशल मीडिया में आने को लेकर बस्तर संभाग के कोंडागांव एसपी अभिषेक पल्लव ने चिंता व्यक्त की है. एसपी पल्लव ने कहा कि जिस तरह से सोशल मीडिया में ट्रेकर लोकेशन का मैप वायरल हुआ है, ये गंभीर चिंता और जांच का विषय है. इस बात की जांच करने की जरूरत है कि ये मैप सीधे नक्सलियों तक तो नहीं जा रहा है.

कितना महत्वपूर्ण है ये मैप
बता दें कि जिस लोकेशन मैप का यूजर नेम और पासवर्ड सिर्फ बड़े अधिकारियों के पास ही रहता है. इस ट्रेकर लोकेशन के जरिये अधिकारी फ़ोर्स के हर मुव्हमेंट पर नजर रखते हैं. सर्चिंग में जब पार्टी निकलती है तो दोनों पार्टी क्रॉस फायरिंग में न फंसे इसकी सावधानी बरती जाती है. ट्रेकर लोकेशन नक्सली आॅपरेशन का काफी महत्वपूर्ण अंग है. इसके बाद भी इस ट्रेकर लोकेशन का वायरल होना सुरक्षा विभाग की सबसे बड़ी चूक और लापरवाही मानी जा सकती है. जानकारी के मुताबिक़ पूरे छत्तीसगढ़ में ट्रेकर लोकेशन का एक ही यूजर पासवर्ड है जो पिछले तीन साल से बदला नहीं गया है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ये भी एक बड़ी चूक मानी जा रही है.