Chhattisgarh

गठित सेक्स सीडी पर विपक्ष का मासूम स्टैंड

रायपुर: सेक्स सीडी कांड में बैकफुट पर आई कांग्रेस ने सैक्स सीडी में अपने विपक्षी होने का उतरदायित्व निर्वाह की दुहाई दी है। जबकि हकीकत में कांग्रेस इसे जोर शोर से उठा कर सत्ता पक्ष को बदनाम करना चाहती थी लेकिन भाजपा ने वायरल सेक्स क्लिप के जवाब में न केवल वास्तविक सीडी जारी की बल्कि जिस पोर्न साइट से उठा कर क्लिप बनाई गई थी उसका यूआरएल भी लोगों को बता दिया। प्रेस क्लब में और भाजपा के कार्यकर्ता तक अब इस कांड की हकीकत जान चुके हैं और सामान्य जनता में इस कांड की हकीकत प्रचारित कर रहे हैं।
ये बात और है कि कांग्रेस अभी भी इस सैक्स सीडी की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की बात कर रही है। शायद कांग्रेस ये भूल रही है कि जो दिखता है उसमें भ्रम की गुंजाइश बहुत कम होती है इसलिए कैमरे के बारे में कहा जाता है कि कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता। रही बात तकनीकी जांच की आड़ लेना तो यह भी समझना होगा कि जब सब कुछ दिन के उजाले में दिख रहा है तो कैसे कांग्रेस इस मुद्दे पर जांच की बात कर रही है। वास्तव में कांग्रेस का तकनीकी आड़ लेना उसकी राजनीतिक मजबूरी है क्योंकि जिस उत्साह के साथ कांग्रेस इस मुद्दे पर कूदी थी और वास्तुस्थिति साफ होने पर उसका मुद्दा धड़ाम गिरा है, तो उसके पास और इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया है कि वह अपनी राजनीतिक जवाबदेही और तकनीकी आड़ में अपने आप को समेट ले।
फिलहाल कांग्रेस खुद इस मुद्दे पर अब अपनी तरफ से पहल न करके दूसरे मुद्दे की तलाश कर रही है । खुद उसके नेताओं में इस सीडी को लेकर दो फाड़ होने के समाचार प्रकाशित हो रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस छत्तीसगढ़ में भी वापस राष्ट्रीय कार्यक्रम की ओर मुड़ती दिख रही है।
यह भी सत्य है कि सैक्स सीडी कांड में कांग्रेस बुरी तरह पिटी है। क्योंकि प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि यह सीडी भाजपा के आंतरिक कलह का नतीजा है और इस सीडी में कांग्रेस का कोई हाथ नहीं है फिर भी इस सीडी कांड में जरूरत से ज्यादा हाथ सेंकने की कोशिश करना भी एक तरह का नैतिक ही सही दुराचार तो माना जाएगा। इस मामले में कांग्रेस की जनता में भारी बदनामी हो रही है।
वर्तमान में इस सीडी कांड़ के सीबीआई जांच के आदेश हो चुके हैं इसलिए कुछ भी कहने के लिए कोई गुंजाइश नहीं बची है दोषी देर सबेरे धरे ही जाएंगे। लेकिन राजनैतिक स्तर पर इस सीडी कांड का भी हश्र अन्य सीडी कांडों की तरह ही होगा । राज्य में अब तक पांच सीडी कांड हो चुके हैं जिन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं आया है और इस कांड का हश्र भी यही होना है हां उसने समाज में पिछले कई दिनों से राजनीतिक उत्तेजना जरूर भर दी है। इस नकली सीडी कांड के राजनैतिक क्षेत्र में कई दूरगामी परिणाम आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

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