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Chhattisgarh Raipur

शिक्षाकर्मियों के ‘सेल्फी विद कम्युनिटी’ को मितानिनों का मिला साथ

रायपुर। शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांग को लेकर ‘सेल्फी विद कम्युनिटी’ को प्रदेश में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। हजारों मितानिनों ने भी ‘सेल्फि विद कम्युनिटी’ को अपना समर्थन दिया है। शिक्षाकर्मियों मितानिकों की मांगों को भी जायज बताया है। शिक्षाकर्मियों के साथ हजारों मितानिनों की कम्युनिटी ने भी मतदान पश्चात दिखाई जाने वाली उंगली उठाकर संकल्प लिया कि हर हाल में मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

आपको बतादें 26 मई तक शिक्षक पंचायत ननि मोर्चा नव प्रयोगो के माध्यम से संविलियन की अपनी मांग को मुखर करेगा शिक्षक पंचायत ननि मोर्चा के प्रान्तीय उपसंचालक जितेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में शिक्षाकर्मियों के दल ने मितानिन कम्युनिटी का समर्थन लेकर, और उनके आंदोलन को समर्थन देकर “सेल्फी विद कम्युनिटी” मुहिम को प्रारम्भ किया है।

शिक्षक पंचायत ननि मोर्चा ने प्रदेश के समस्त शिक्षाकर्मी साथी से अपने आसपास की विभिन्न संस्थाएं, संगठन, दल व कम्युनिटी को अपने संविलियन की मांग के संदर्भ जानकारी अवगत कराते हुए उनका समर्थन हासिल कर “सेल्फी विद कम्युनिटी” से मुहिम से जोड़ने की अपील की है।

शिक्षक पंचायत ननि मोर्चा छग के प्रांतीय संचालक विरेन्द्र दुबे ने कहा कि- “शिक्षाकर्मी यानि शिक्षक एक सामाजिक प्राणी होता है। समाज में शिक्षक की बात को बड़ी गम्भीरता से सुनी जाती है और उसके सुझाव को अमल भी किया जाता है। हम कम्युनिटी के बीच जाकर संविलियन की मांग पर समर्थन हासिल कर रहे हैं और मतदाता जागरुकता का भी कार्य कर रहे हैं। मितानिन बहने भी शोषित हैं और शिक्षाकर्मियों की समस्याओं से भी अवगत हैं। काम का सही दाम अधिकार है, हम शिक्षक है तो हमे शिक्षक के वेतन भत्ते अधिकार व सुविधाएं हमे मिले,जो केवल संविलियन से सम्भव है।उसी तरह मितानिन बहने भी छग की बेटियां हैं इन्हें भी इनके परिश्रम का उचित फल मिलना चाहिए, इनकी मांग भी जायज है।

शिक्षक पंचायत ननि मोर्चा की प्रान्तीय उपसंचालक डॉ सांत्वना ठाकुर ने भी “सेल्फी विद कम्युनिटी” के अभियान को संविलियन हेतु मिल रहे भारी जनसमर्थन की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा कि- समाज की नजरों में शिक्षक और शिक्षाकर्मी दोनो के कार्य समान हैं,तो शिक्षाकर्मियों के साथ शोषण नही होना चाहिए, यह समर्थन हमे कम्युनिटी के माध्यम से मिल रही है।प्रदेश के आम नागरिक, विभिन्न संगठन, और संस्थाएं हमारी मांगो का समर्थन करते हुए जल्द से जल्द हम शिक्षाकर्मियों के संविलियन की बात कह रही हैं। अब सरकार को इसमे विलम्ब नही करना चाहिए।

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