Chhattisgarh Janjir

मृतक जगदीश का भाई बोला-प्रशासन ने गायब करवा दिया शिकायतों से भरा थैला

  • क्षेत्रीय विधायक ने शोक संतप्त परिजनों से की मुलाकात, उचित कार्यवाही का दिलाया भरोसा।

राजेन्द्र राठौर @जांजगीर-चांपा. क्षेत्रीय विधायक मोतीलाल देवांगन मंगलवार को सुबह समीपस्थ ग्राम कुरदा पहुंचे, जहां उन्होंने सोमवार को कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में जहर सेवन कर आत्महत्या करने वाले जगदीश बघेल की शोक संतप्त बेवा सहित अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना प्रदान की और पूरे मामले की समुचित जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान मृतक जगदीश के चचेरे भाई संतराम बघेल ने विधायक देवांगन को बताया कि जगदीश बघेल सोमवार को सुबह अपने साथ पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन तथा चांपा पुलिस को गई शिकायतों का पुलिंदा एक झोले में रखकर ले गया था, लेकिन उसकी मौत की सूचना के बाद उसके शव के साथ कोई भी झोला अथवा कागजात का नहीं पाया जाना आश्चर्यजनक है। उसने प्रशासन पर शिकायतों से भरे थैले को गायब करवाने का आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार 18 सितंबर को कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे ग्राम कुरदा निवासी जगदीश बघेल ने कथित रुप से साहूकारों से ली गई कर्जे की रकम नहीं चुका पाने के बाद उनके तगादे से परेशान होकर जहर सेवन कर अपनी जान दे दी। मंगलवार को सुबह जांजगीर-चांपा विधायक देवांगन ग्राम कुरदा में मृतक जगदीश बघेल के शोक संतप्त परिजन से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने मृतक की बेवा केराबाई बघेल, पुत्री दीक्षा, दामाद राजकुमार सोनंत, पुत्र शेखर बघेल, साले रामप्रसाद मार्टिन तथा चचेरे भाई संतराम बघेल से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना प्रदान करते हुए पूरे मामले की समुचित जांच कराकर दोषी तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस दौरान मृतक जगदीश बघेल की बेवा केराबाई को अपनी ओर से पांच हजार रुपए की सहयोग राशि भी प्रदान की। मृतक के परिजन ने विधायक देवांगन को बताया कि जगदीश बघेल से कुरदा के एक कोटवार द्वारा वर्ष 2008 में बैंक से कर्ज दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ लिए जाने की शिकायत चांपा थाने में कुछ दिनों पूर्व की थी। उसने पुलिस को की गई अपनी शिकायत में बताया कि काफी चक्कर लगाने के बाद उसने बाकी रकम तो दी, लेकिन बीस हजार रुपए आज तक नहीं दिया। इसी तरह चांपा निवासी एक साहूकार ने कर्ज दिलाने के नाम पर उससे हजारों रुपए खर्च करा लिया। उसके द्वारा जगदीश से करीब डेढ़ दर्जन फार्म को भराकर एवं चेक में हस्ताक्षर कराकर चार सालों से घुमाया जा रहा था। ग्राम कुरदा के ही एक व्यक्ति ने जगदीश बघेल का खेत गिरवी रखा था, जिसमें से 11 हजार 200 रुपए देने पर वह लेने से इंकार कर रहा था। इसी तरह पुलिस को की गई शिकायत में जगदीश बघेल ने कहा था कि ग्राम सिवनी के दो लोग उसके खेत को बेचने की बात कहकर दो साल पहले पर्ची को ले गए थे, जिसे बाद में मांगने पर उनके द्वारा हीलहवाला किया जा रहा था। इसी तरह चांपा के ही एक व्यक्ति ने उसकी दो एकड़ जमीन खरीदी थी, लेकिन दो एकड़ के स्थान पर खरीददार ने ढ़ाई एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया था। पटवारी से नाप कराने के बाद भी संबंधित उसकी अधिक हड़पी हुई जमीन नहीं दे रहा था। मृतक जगदीश बघेल ने उपरोक्त शिकायत पर कार्यवाही किए जाने की मांग चांपा पुलिस से की थी तथा वह कलेक्टर जनदर्शन में भी पूर्व में पांच बार शिकायत कर चुका था, लेकिन लगातार गुहार के बाद भी मामले में राहत नहीं मिलने से तंग होकर उसने जहर सेवन कर मौत को गले लगा लिया। मृतक के चचेरे भाई संतराम बघेल ने बताया कि जगदीश बघेल सोमवार को सुबह 9 बजे घर से पैदल निकल गया था और बाद में उसके कलेक्ट्रेट में जहर सेवनकर जान देने की सूचना प्राप्त हुई। उसने विधायक को यह भी बताया कि मृतक जगदीश बघेल सोमवार को सुबह अपने साथ पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन तथा चांपा पुलिस को गई शिकायतों का पुलिंदा एक झोले में रखकर भी ले गया था, लेकिन उसकी मौत की सूचना के बाद उसके शव के साथ कोई भी झोला अथवा कागजात का नहीं पाया जाना आश्चर्यजनक है। यह भी बताया कि साहूकारों द्वारा तंग किए जाने से जगदीश बघेल का पुत्र भी मानसिक रुप से बीमार हो गया था, जिसका वह कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इलाज करा पाने असमर्थ था। मृतक का स्मार्ट कार्ड और गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी नहीं बना था। कुल मिलाकर जीवन में चारों ओर अंधकार के कारण निराश जगदीश बघेल ने कहीं से भी राहत या सहायता नहीं मिलने पर मौत को गले लगाकर अपनी परेशानियों का अंत कर लिया। विधायक देवांगन ने पीडि़त परिवार को ढांढस बंधाते हुए पूरे मामले की व्यापक एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषी तत्वों के विरुद्ध समुचित कार्यवाही कराए जाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान भालचंद तिवारी, घासीराम देवांगन, सहदेव यादव, बलराम कर्ष, विनोद कुर्रे, लोरी सतनामी तथा पंच छोटू सतनामी भी मौजूद थे। मौत के कारणों का जांच करेगी कांग्रेस, सात सदस्यीय कमेटी गठित

कलेक्टर जनदर्शन के दौरान कर्ज के तले दबे कृषक जगदीश बघेल द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने के मामले को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गंभीरता से लेते हुए मौत के कारणों की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित की है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता रफीक सिद्दिकी ने बताया कि 18 सितम्बर को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में पहुंचे किसान जगदीश बघेल द्वारा आत्महत्या के मामले की जांच करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेष बघेल ने सात सदस्यीय कांग्रेसजनों की कमेटी गठित की है। इस जांच कमेटी में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मंजू सिंह, विधायक मोतीलाल देवांगन, चुन्नीलाल साहू, पूर्व विधायक चैनसिंह सामले, प्रदेश कांग्रेस सचिव शशिकांता राठौर, गोरेलाल बर्मन को शामिल कर आत्महत्या के कारणों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। यह जांच कमेटी 20 सितम्बर बुधवार को सुबह 11 बजे ग्राम कुरदा पहुंचकर मृतक जगदीश के परिजन व ग्रामवासियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से भेंटकर किसान जगदीश बघेल की मृत्यु के संबंध में जानकारी लेगी।

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