Bastar Chhattisgarh Jagdalpur

ई-अटेंडेंस के खिलाफ शिक्षकों का विरोध, बस्तर में कर्मचारियों ने दिया समर्थन

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को टेबलेट के माध्यम से हाजिरी लगाने के आदेश के खिलाफ शिक्षक संघ ने आज मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। शिक्षक संघ का कहना है कि केवल शिक्षकों की उपस्थिति टेबलेट से लेना गलत है, समस्त कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी को इसके दायरे में रखना चाहिए अथवा शिक्षकों की हाजिरी भी बंद हो।

शिक्षक संघ की इस मांग का तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ बस्तर, राज्य कर्मचारी संघ बस्तर, शिक्षक कांग्रेस बस्तर, प्रधान पाठक कल्याण संघ बस्तर, ननि एवं पंचायत शिक्षक संघ ने भी समर्थन किया है। इन संगठनों ने कहा है कि शिक्षक जो ईमानदारी से अपना कार्य करता है और बेहतर परिणाम देता है, उन्हें इस तरह परेशान करना अथवा अन्य कर्मचारियों से पृथक व्यवहार करना बिल्कुल उचित नही है।

वहीं शिक्षक पंचायत- ननि मोर्चा के प्रांतीय संचालक विरेंद्र दुबे ने कहा कि शिक्षकों के साथ यह सौतेला व्यवहार बंद होना चाहिए। शिक्षक जिसकी ईमानदारी ही पूंजी होती है, लेकिन छग में सिर्फ शिक्षकों के ऊपर टेबलेट के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। वह शिक्षक जो घंटी बजाकर स्कूल आता है और घंटी बजाकर स्कूल से जाता है, उसकी ईमानदारी को शंका की नजर से देखा जा रहा है। यदि सरकार अनुशासन चाहती है तो प्रदेश के समस्त कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी भी इस टेबलेट के दायरे में आने चाहिए अन्यथा स्कूलों में भी ई-हाजिरी बंद हो।

शालेय शिक्षाकर्मी संघ के बस्तर जिलाध्यक्ष जोगेन्द्र यादव ने बताया कि बस्तर के समस्त शैक्षिक कर्मचारी संगठन लामबंद होकर इस ई हाजरी का विरोध कर रहे हैं। मोर्चा के उपसंचालक जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि शिक्षकों ने लगातार उत्कृष्ट परिणाम देकर प्रदेश की शैक्षिक गुणवत्ता का उत्तरोत्तर विकास किया है। लेकिन शिक्षकों के श्रेष्ठ कार्य के बदले सिर्फ उन्हें टेबलेट के माध्यम से हाजिरी दिलाने को मजबूर करना दुखद है। उन्होंन कहा कि मप्र सरकार ने इसे शिक्षकों का अपमान मानकर स्थगित कर दिया है। छग भी शिक्षकों के सम्मान की रक्षा करे।

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