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हरतालिका तीज व्रत: व्रती माताएं इस मुहूर्त में करें पूजा

रायपुर। भगवान शिव की आराधना कर श्रेष्ठ पति की कामना के लिए आज कुंवारी कन्याएं और पति की लंबी उम्र के लिए सुहागन स्त्रियां आज हरतालिका तीज व्रत मना रही हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती हैं। हमारे देश में हरतालिका तीज बेहद उत्साह से मनाई जाती हैं। यह व्र्रत ककड़ी के सेवन से उठाया जाता है और ककड़ी के सेवन से ही खोला जाता हैं।

यह है सही पूजा और व्रत का मुहूर्त

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाते हैं। भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र के समय भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का खास महत्व हैं। यह आमतौर पर अगस्त-सितंबर के महीने में आती हैं, इसे गौरी तृतीया भी कहा जाता हैं। यह इस साल 24 अगस्त को गुरुवार के दिन हैं।

प्रात: काल हरतालिका तीज – सुबह 05.45 से सुबह 8.18 बजे तक

प्रदोषकाल हरतालिका तीज- शाम 6.30 बजे से रात  8.27 बजे तक

पूजन का सही समयरू 1 घंटा 56 मिनट।

व्रत की कथा

भगवान शिव ने मां पार्वती को यह कथा सुनाई थी। माता गौरा ने सती के बाद हिमालय के घर पार्वती के रुप में जन्म लिया। कठोर तप करके भगवान शिव को वर के रुप में चाहा था। 12 साल तक निराहार पत्तों को खाकर मां पार्वती ने व्रत किया। इस निष्ठा से भगवान विष्णु ने हिमालय से पार्वती जी का हाथ विवाह के लिए मांगा, हिमालय बेहद खुश हुए। लेकिन मां पार्वती दुखी हो गई और उन्होंने जीवन त्यागने की बात कह दी। इस पर उनकी सखी ने सलाह दी कि यह समय ऐसी बातें सोचने का नहीं हैं और सखी उसे वन में लेकर गई। जिस जगह मां पार्वती ने तपस्या की वहां शिवजी आए और आशीर्वाद दिया एवं पति के रुप में मिलने वाला वर दिया। इसके बाद पिता ने मां पार्वती को बहुत खोजा लेकिन वे नहीं मिली। आखिरकार पिता का सारी बातें पता लगी और पुत्री की जिद के आगे पिता को झुकना पड़ा और भगवान शिव से विवाह तय किया गया।

 

 

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