Bastar Bijapur Chhattisgarh Dantewada Jagdalpur Kondagaon Narayanpur

छत्तीसगढ़ में कम होने की बजाय पैर पसार रहा लाल आतंक

बस्तर में पिछले तीन दशकों से पनपा नक्सलवाद खत्म होने के बजाए अपने लाल गलियारे का दायरा बढ़ाता जा रहा है. केन्द्र व राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रही नक्सल समस्या अब बस्तर में गृह युद्ध जैसे हालात निर्मित कर रही है. सुकमा में बीते 13 मार्च को नक्सल हमले में 9 जवानों के शहीद होने की घटना होने के बाद इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है.

बस्तर सहित प्रदेश के 12 जिलों में पैर पसार रहा नक्सलवाद का खात्मा सरकारों के लिए केवल दावों का पुलिंदा बना हुआ है. नक्सल मामलों के जानकार बस्तर सहित प्रदेश में बढते नक्सलवाद के दायरे को लेकर खासे चिंता जाहिर कर रहे हैं. नक्सल मामलों के जानकार मान रहे हैं कि बस्तर में नक्सल समस्या के खात्मे के लिए केन्द्र शासित राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ को शामिल कर लेना चाहिए.​

बस्तर में बैकफुट पर जाने वाले माओवादी जिस दोगुनी ताकत के साथ वापिस लौटते हैं, उससे सुरक्षा एजेसियों को अब तक बड़ कीमत नक्सल लड़ाई में चुकानी पड़ी है. सरकार भले ही ये दावा करती रही हो कि नक्सली कमजोर हो रहे हैं, लेकिन बस्तर में होने वाली नक्सली घटनाएं ये साबित करती रही हैं कि माओवादी कमजोर नहीं बल्कि ताकतवर हुए हैं.

सरकार में बैठे नुमाइंदें जब तब ये दावा करते आ रहे हैं कि प्रदेश से नक्सल समस्या साल 2023 में पूरी तरह से खत्म हो जाएगी, लेकिन बस्तर सहित आसपास के इलाके में जो हालात बन रहे हैं, उससे साफ है कि नक्सल के खिलाफ की लड़ाई अब प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए एक आतंरिक खतरे की लड़ाई बन चुकी है.

नक्सल मामलों के जानकार व अधिवक्ता आनंद मोहन मिश्रा मानते हैं कि अब बस्तर में हालात कश्मीर जैसे होते जा रहे हैं, जो घटनाऐं हो रही हैं उससे इस बात से भी इंकार नहीं किया जा रहा हैं कि बस्तर में अब धीरे धीरे ग्रह युद्ध के हालात बन रहे हैं.

बस्तर सहित प्रदेश के 12 जिलों में नक्सली अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. भले ही बीते दो सालों के दौरान नक्सली घटना में गिरावट आने के साथ ही सुरक्षा एजेसियों को काफी कम नुकसान हुआ था, लेकिन बीते साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो अकेले सुकमा में नक्सली हमलों में 50 के आसपास जवान शहीद हुए हैं. यदि बात पूर बस्तर संभाग के आंकड़ों की करें तो साल 2017 में 130 के आसपास जवान शहीद हुए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *