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भिलाई: जमीन से कब्जा हटाने प्रशासन ने किया तैयारी

भिलाई: कुरूद ग्राम स्थित सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए जारी की गई अंतिम नोटिस की मियाद बुधवार को समाप्त हो गई है। भिलाई तहसीलदार ने कब्जाधारियों को 27 दिसंबर तक तोडफ़ोड़ में होने वाले खर्च की राशि जमा करने का समय दिया था। 13 कब्जेधारियों में से आधे ने भी तोडफ़ोड़ की राशि जमा नहीं की है। अब समय बीतने के बाद जिला प्रशासन और निगम प्रशासन की ओर से तोडफ़ोड़ की कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है।

क्या है मामला :- 
कुरूद स्थित 104 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जे वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन उसे हटाने की कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में याचिकाकर्ता डा.दिवाकर भारती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न होने पर फिर से हाईकोर्ट मेें याचिका लगाई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने उसी दिन सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने कहा था। याचिकाकर्ता ने राज्य शासन, कलेक्टर, तहसीलदार और निगम आयुक्त को पार्टी बनाया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भिलाई तहसीलदार ने सभी कब्जेधारियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा था। सभी कब्जेधारियों के पक्ष रखने के बाद तहसीलदार ने फिर से सभी को नोटिस जारी कर 27 दिसंबर तक तोडफ़ोड़ में खर्च होने वाली राशि को जमा करने कहा था। नोटिस मिलने के बाद 13 कब्जेधारियों में से आधे लोगों ने ही तोडफ़ोड़ राशि जमा की है।

कुरूद के 104 एकड़ की जिस जमीन को न्यायालय ने शासकीय जमीन घोषित किया है, उसे माफियाओं ने निजी लोगों को बेच दी थी। जमीन खरीदने वालों में पूर्व राज्यमंत्री बदरूद्दीन कुरैशी ने इस मामले में राजस्व विभाग को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत कर बताया था कि उक्त जमीन को सरकार ने वर्ष 1988 में जमीन की मूल मालकिन श्यामाबाई और उनके परिवार को बंदोबस्त में दिया था। इसके बाद उन्होंने और बाकी खरीददारों ने जमीन खरीदा था और उसका राजस्व विभाग ने नियमानुसार प्रमाणीकरण कर ऋण पुस्तिका दी थी। सालों पहले उक्त जमीन का सौदा होने के बाद वहां पक्के मकान, स्कूल और गैस गोदाम को निर्माण हो चुका है। निर्माण के सालों बाद उक्त जमीन के संबंध में याचिका लगाई गई और न्यायालय ने जमीन आबंटन को नियम विरूद्ध मानते हुए उसे शासकीय घोषित कर दिया था। न्यायालय के फैसले के आधार पर तहसीलदार ने बेदखली के लिए नोटिस आदि देने की कार्रवाई की थी।
भिलाई तहसीलदार अश्वनी शर्मा ने बताया कि सभी कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर 27 दिसंबर तक तोडफ़ोड़ की राशि जमा करने के लिए कहा गया था। कुछ लोगों ने पैसे जमा भी किए हैं, बाकी लोगों ने राशि जमा नहीें किया है। शासकीय भूमि पर पक्का निर्माण हो जाने के कारण अब उसे तोडऩे का ही विकल्प बचा है। तोडफ़ोड़ की तारीख तय करने के लिए एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे।

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