Chhattisgarh Durg-Bhilai

“बच्चो की फुलवारी” में बच्चों ने सीखा बांस शिल्प की कलाकारी

  • सेलुद में 7 दिवसीय समर केम्प का तीसरा दिन000

गाड़ाडीह: शासकीय प्राथमिक शाला सेलूद में चल रहे निःशुल्क समर केम्प के तीसरे दिन बच्चो ने जबरदस्त उत्साह के साथ हिस्सा लिया और बांस शिल्प की कलाकारी सीखी।सेलूद में रहने वाले समस्त बच्चो के लिए बच्चो की फुलवारी के नाम से विशाल समर कैम्प का तृतीय दिवस भी बच्चो ने बड़ी उत्साह के साथ मनाया।
यह कैम्प ग्राम के सभी बच्चो के लिए एक ही मंच में संचालित होने के साथ साथ निः शुल्क भी है। जिसमे बच्चो का उत्साह इतना है कि आज तीसरे दिन भी 100 बच्चो की उपस्थिति दर्ज हुई। आज के कार्यक्रम में दुर्ग ब्लॉक के शिक्षक संजय गौतम ने स्व स्फूर्त होकर अपनी उपस्थिति दी।तीसरा दिन छत्तीसगढ़ के कला एवम संस्कृति को समर्पित रहा जिसमे सांस्कृतिक श्रोत एवम प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला का क्लब ” पुरखौती चिन्हा” के माध्यम से बच्चो को बांस शिल्प की सुंदर कलाकृति गौतम सर के माध्यम से सीखाया गया। जिसमें बांस से नाव चप्पू, बैलगाड़ी,बेलन, बांस के फूल, बांस का घर, बांस का बैल इत्यादि बनाया गया। जिसमें बच्चो ने अपनी रुचि अनुसार सभी शिल्प को ग्रुप में बनाना सीखा।
प्लास्टिक का कम उपयोग करने का संदेश भी इसके माध्यम से दिया गया तथा प्राचीन संस्कृति से सभी बच्चो को अवगत कराया गया।

कार्यशाला में सभी उम्र के बच्चे सम्मिलित होते है इसलिए छोटे बच्चों के लिए सुंदर बाल गीत तथा खेल खेल में विभिन्न अभ्यास कराया गया। बच्चो द्वारा भी बड़ी ही रोचक प्रस्तुति गीत के माध्यम से की गयी।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में दुर्ग ब्लॉक की नवाचारी शिक्षिका कु नीलू महिकवार के दिशानिर्देश में सभी बच्चो ने क्राफ्ट से सुंदर आकृति बना सीखा जिसमे पेपर के फूल, गुलदस्ता, तितली, मयूर, बंदूक, चूहा इत्यादि विभिन्न आकृति बच्चो ने स्वयं बनायी।

कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित सभी 100 बच्चो को मध्यान्ह भोजन कराया गया तथा स्वयं के द्वारा बनाई कला शिल्प को बच्चो को सुपर्द कर दिया गया।
तृतीय दिवस के इस कार्यशाला में ग्राम पंचायत सेलूद के सरपंच श्री खेमलाल साहू ने भी इस रोचक कार्यशाला के आयोजक मिलिन्द चन्द्रा सर को बधाई दी तथा अपने उद्बोधन में इस फुलवारी के समापन को और भी वृहद करने की बात कही। संकुल समन्वयक संतोष चंद्राकर ने उपस्थित सभी ग्राम वासियो से अपील की, कि और भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्तित होकर इस कार्य शाला को सफल बनायें। बच्चो की फुलवारी को सफल बनाने में माधुरी ठाकुर , शर्मिला वर्मा, चंचल वर्मा, खुशबू वर्मा , संजय गौतम, नीलू महिकवार, संतोष चंद्राकर, डी पी साहू, मिलिन्द चन्द्रा की अहम भूमिका रही।

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