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सुकमा ब्लास्ट में शहीद हुए जवानों ने की थी नियमों की अनदेखी !

रायपुर: किस्टाराम की घटना की समीक्षा शुरू हो गई है। इसमें सीआरपीएफ के जवानों की चूक सामने आई है। सूत्रों से पता चला है कि सीआरपीएफ के जवानों ने एंटी लैंड माइंस व्हीकल के उपयोग के दिशा निर्देशों की अव्हेलना की है। मिली जानकारी के अनुसार लैंड माइंस लगे होने की आशंका पर एंटी लैंड माइंस व्हीकल का उपयोग संभलकर करने का निर्देश है। ऐसी स्थिति कम दूरी के लिए इस वाहन का उपयोग नहीं करने और एंटी लैंड माइंस व्हीकल में पूरी सावधानी से बकायदा सीट बेल्ट बांध कर बैठने का निर्देश है।

किस्टाराम में सीआरपीएफ के 212 बटालियन के जवानों ने इसकी अव्हेलना की और किस्टाराम से पैलोड़ी कैम्प की दूरी 5 किलो मीटर की दूरी बेहद लापरवाही पूर्वक एंटी लैंड माइंस व्हीकल में तय की। पुलिस अफसरों का कहना है कि ये जवान पैदल या बाइक में होते तो शायद ये हादसा नहीं होता। सूत्रों से तो ये भी पता चला है कि पुलिस ने 212 बटालियन के अफसरों और जवानों को पहले ही सचेत किया था कि पैलोड़ी कैम्प के रास्ते मे जगह जगह लैंड माइंस लगा हुआ है।

इधर सीआरपीएफ के अफसरों का कहना है कि सुकमा एसपी के दौरे को लेकर नक्सली सक्रिय हुए और ये हादसा हो गया। अगर एसपी उस खतरनाक रास्ते में जाने की जिद नहीं करते तो नक्सली अलर्ट नहीं होते। इस तरह एक बार फिर छत्तीसगढ़ पुलिस और नक्सली एक दूसरे के सिर पर घटना का ठिकरा फोड़ने की कोशिश में लगे है। हांलाकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।</>

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