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Chhattisgarh Korba

अब नहीं आएगी टप-टप की आवाज, मिला आशियाना

कोरबा: खुद का अपना एक स्थायी आशियाना हो, जहां सिर छिपाने की जगह और सुकून के साथ कुछ पल गुजर सके, यह भला कौन नहीं चाहता। क्योकि अपना घर तो अपना ही होता है। 77 साल की वृद्धा फगनकुंवर के लिए भी उसका छोटा सा कच्चा मकान बहुत कीमती था लेकिन इसमें रहते हुए उसे साल भर सुकून मिल सके यह संभव नहीं था। वह परेशान थी। वह जानती थी कि मौसम का कोई भरोसा नही है। जब चाहे करवट बदल देता है। ऐसे में कच्चे मकान में रहते हुए बारिश के दिनों में खपरैल वाले छत से पानी टपकने से दिन हो या रात का समय बस परेशानी ही उठानी पड़ती थी।

वह चाहती तो थी कि वह भी गांव के कुछ लोगों की तरह अपने कच्चे मकान को पक्का मकान बना ले, मगर गरीबी से जूझ रही फगन कुंवर के लिए यह संभव नही था।
विगत कई सालों में ऐसे अनगिनत बारिश का मौसम रहा जिसमें पहले से कई तैयारियों के पश्चात भी वृद्धा को बस परेशानी ही उठानी पड़ी। अब जबकि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से उसका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। ऐसे में स्थायी आशियाना मिलने की खुशी के साथ आने वाले बारिश में छत से पानी नहीं टपकने की भी खुशी है।

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