सदगुर
Chhattisgarh Dharm

परमपूज्य सदगुरूदेव जी का कथा, सत्संगम् महोत्सव के माध्यम से दिव्य-प्रेरणा का प्रवाहन

क्रांतिकारी धर्मगुरू परमपूज्य सदगुरू…
“श्री श्री रितेश्वर जी”
,,,,,,,,द्वारा स्थापित…
महाप्रकल्प…श्रीआनन्दम् धाम का,,,
दिव्य कथा…सत्संगम्…प्रबोधन,,,
परमपूज्य सदगुरूदेव जी का कथा, सत्संगम् महोत्सव के माध्यम से दिव्य-प्रेरणा का प्रवाहन।
सत्संग केन्द्रों की स्थापना…
प्रतिदिवस, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक सत्संग का विस्तार।
श्रीमद् भागवत् शोध संस्थानम्…
वैश्विक अद्भुत परिकल्पना वैदिक श्लोक एवं ऋचाओं के शोध-सिद्धि से दैहिक, दैविक, भौतिक संतापों का शमन।
श्री राधा रास मण्डल…
रासरासेश्वर श्रीकृष्ण व रासरासेश्वरी श्री राधा के जीवंत “रास” का पुर्नस्थापन कर अनवरत अभिमंचन।
आश्रम…अतिथि भवन,,,
देश के कोने-कोने में आश्रमिक व्यवस्थाओं का स्थापन, संचालन एवं मूलश्रोत श्रीआनन्दम् धाम बाराह घाट वृन्दावन में अतिथि भवन का विस्तार।
जल-संवर्धन…जल ही जीवन है,,,
जन-जागरण, विचार संगोष्ठीयां, रैली, जीवंत प्रदर्शनीयां इत्यादि से समुदाय को प्रेरण।
गोवंश संवर्धन…
गोवंश महिमा का विस्तार, गोरक्षक पट्टीका से दुर्घटनाओं पर रोक, गौशाला स्थापना, संरक्षण।
नदियों का महाआरती…
देश की पवित्र नदियों का महामंगलाआरती, स्वच्छ व निर्मल अभियान को गतिमान।
पशुधन कोटना…पानी टंकी…
प्यासे पशुधन एवं चिरैय्यों के लिये शहर, नगर, कस्बा के आम गली, मार्गों में पानी पीने की सुलभ व्यवस्था।
धार्मिक ग्रंथों की ग्रंथालय…
धर्म ग्रंथों, साहित्य के सुधी पाठकों एवं अध्येताओं हेतु दिव्य ग्रंथालयों की स्थापना व संवरण।
आईये संताचरण का अनुवर्धन करते महाप्रकल्पों को भू-तलीय आवर्धन में वर्धित कर जीवन-पथ को सुरभित करें।
आग्रही…..
श्रीआनन्दम् धाम-वृन्दावन

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