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Ambikapur Chhattisgarh jashpur

नहीं थम रहा हाथियों का आतंक, घर लौट रहे ग्रामीण की पटक-पटककर ले ली जान

प्रतापपुर: बीती शाम ग्राम गणेशपुर से काम कर वापस प्रतापपुर लौट रहे लकड़ी मिस्त्री को गोटगांव के जंगल में जंगली हाथी ने अपनी चपेट में ले लिया एवं पटक-पटककर मार डाला। हाथी को पास आते देख ग्रामीणों ने उसे सतर्क करने की कोशिश की,लेकिन वह भाग नहीं सका। शाम को उसका कोट एवं साईकिल बरामद कर लिया गया था,लेकिन अंधेरा होने के कारण वनविभाग की टीम रात को शव बरामद नहीं कर सकी। सुबह छह बजे वन विभाग एवं पुलिस की टीम ने मौके से करीब 10 मीटर दूर ग्रामीण का शव बरामद कर शव को पीएम के लिए भेज दिया। घटना से क्षेत्र में दहशत है। प्रतापपुर क्षेत्र में 52 हाथियों का दल डटा हुआ है।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत प्रतापपुर के वार्ड क्रमांक 15 निवासी श्रीराम कंवर पिता मातादीन 42 वर्ष बढ़ई का काम करने कई दिनों से गणेशपुर के फिटुल गोंड के यहां गया था। बुधवार देर शाम वह काम समाप्त करने के बाद साईकिल से प्रतापपुर जाने के लिए निकला। वह मुख्य मार्ग के बजाए कोड़ाकूपारा,गणेशपुर से लगे हुए जंगल मार्ग को चुना एवं बिहीडांड के पास घर की बकरियों के लिए पत्ती तोड़ने लगा। वहां से कुछ दूर पर ईंट भठ्ठे में काम कर रहे लोगों ने श्रीराम की ओर एक हाथी को आते देखा तो उसे सतर्क करने की कोशिश की। इससे पहले श्रीराम भाग पाता,हाथी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया एवं सूंढ से पकड़कर पटकर दिया। मजदूरों ने बताया कि शोर सुनकर हाथी से बचने श्रीराम जंगल की ओर भागा,लेकिन हाथी ने उसे दौड़ाकर जंगल के अंदर ले जाकर पटक दिया। भागते के दौरान उसके द्वारा पहना कोट निकल गया। भट्टे में काम कर रहे मजदूरों ने हाथी की आवाज बंद होने के बाद वहां जाकर देखने की कोशिश भी की, तो उन्हें श्रीराम की सायकल और कोट पड़ा मिला। सूचना पर प्रतापपुर पुलिस एवं वनकर्मी जंगल के पास गाँव लेकिन अंधेरा होने के कारण उनके साथ कोई भी ग्रामीण अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

वहीं गुरूवार सुबह छह बजे वनकर्मियों एवं पुलिस के दल ने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच शव की तलाश की। शव मौके से करीब 100 मीटर अंदर जंगल में पड़ा मिला। शव को पंचनामा पश्चात्‌ पीएम के लिए प्रतापपुर भेज दिया गया। वनविभाग के एसडीओ प्रभाकर खलखो एवं रेंजर डीएन जायसवाल ने मृतक श्रीराम के परिजनों को 25 हजार की तत्कालीक सहायता राशि प्रदान कर दी है। शेष मुआवजा राशि के लिए प्रकरण बनाया जा रहा है।

55 हाथी जमें हैं प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में- प्रतापपुर परिक्षेत्र में हाथियों का दो दल विचरण कर रहा है। यहां दोनों दलों को मिलाकर 55 हाथी हैं। हाथियों का दल वर्तमान में सोनगरा,सिंगरा,पलड़ा,डुमरिया, पार्वतीपुर इलाके में वितरण कर रहा है। इनमें से कुछ अकेले विचरण करने वाले हाथी भी हैं,जो सबसे ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं। बीती शाम भी इन्हीं में से एक हाथी गोटगांव के जंगल में पहुुंच गया था। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण दहशत में हैं।

ग्रामीण एकल टस्कर हाथी की चपेट में आया था। उक्त टस्कर हाथी ने घटना के एक घंटे पूर्व ही अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्यमार्ग को पार किया था,जिसे देखकर एक पिकअप चालक ने ग्रामीणों को सतर्क भी किया था। वहां कार्य करने वाले मजदूरों ने भी मृतक को जंगल में जाने से मना किया था। एकल हाथी पर निगरानी रखी जा रही है। ग्र्रामीणों को जंगल के रास्ते नहीं जाने की सलाह दी गई है।

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