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इनकी नजरें ऑल इंग्लैंड खिताब पर

बर्मिंघम। भारतीय बैडमिंटन सितारे पी वी सिंधू और किदाम्बी श्रीकांत कल से यहां शुरू हो रही आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में उतरेंगे तो उनका इरादा उस खिताब को पहली बार अपने नाम करने का होगा जो 17 साल पहले उनके गुरू पुलेला गोपीचंद ने जीता था। आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप जीतना किसी भी बैडमिंटन खिलाड़ी का सपना होता है। भारत से अभी तक सिर्फ प्रकाश पादुकोण ( 1980 ) और गोपीचंद ( 2001) यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर सके हैं।

सिंधू और श्रीकांत को पहले दौर में आसान प्रतिद्वंद्वी मिले हैं लेकिन इस चैम्पियनशिप का फाइनल खेल चुकी साइना नेहवाल को पहले दौर में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और गत चैम्पियन चीनी ताइपै की तेइ जू यिंग से खेलना है। तेइ जू का साइना के खिलाफ रिकार्ड 9–5 का है। पिछले सात मुकाबलों में साइना उससे हार चुकी है और इस साल की शुरूआत में इंडोनेशिया मास्टर्स फाइनल में मिली हार इसमें शामिल है।चौथी वरीयता प्राप्त सिंधू पहले दौर में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग से खेलेगी लेकिन अगले दौर में इंडिया ओपन विजेता बेवेन झांग से सामना हो सकता है। श्रीकांत को पहले दौर में फ्रांस के ब्राइस लीवरदेज के रूप में आसान चुनौती मिली है। गोपीचंद के मार्गदर्शन में भारतीय बैडमिंटन का यह सुनहरा दौर है और भारत के पास कई विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं ।इनमें लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना 2015 में खिताब के करीब पहुंची लेकिन फाइनल में कैरोलिना मारिन से हार गई थी।ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू पिछले साल क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी। पुरूष वर्ग में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत ने 2017 में चार सुपर सीरिज खिताब जीते और वह आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में भी खिताब के दावेदारों में से होंगे। पिछले साल वह पहले दौर से बाहर हो गए थे लेकिन इस बार उस नाकामी की भरपाई करने का इरादा होगा।

पहले दौर के कठिन मुकाबले के बारे में पूछने पर साइना ने कहा, ‘तेइ झू ने पिछले साल कई टूर्नामेंट जीते तो ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारतीय ही उससे हार रहे हैं । वह इस समय सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि हम उसे हरा नहीं सकतेÓ वहीं सिंधू ने कहा, ‘मैने छह सप्ताह अभ्यास किया है और मुझे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है । इस साल कई टूर्नामेंट है और मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।Ó श्रीकांत ने कहा, ‘आल इंग्लैंड सबसे प्रतिष्ठित बैडमिंटन टूर्नामेंटों में से एक है जिसका 100 साल का इतिहास है। प्रकाश सर और गोपीचंद सर ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है जो हमारे लिये प्रेरणा का काम करेगा । इस तरह के खिताब जीतकर ही खिलाड़ी महान कहलाते हैं।

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