Chhattisgarh Durg-Bhilai

कबीर आश्रम सेलूद में दो दिवसीय विशाल सन्त समागम का समापन हुआ

  • शांति मन के अंदर से ही मिलती है धन दौलत से नहीं मिलती -सुकृतदास साहेब

पाटन: ग्राम सेलूद(बावाकुटी) स्थित कबीर आश्रम में दो दिवसीय विशाल सन्त समागम की सुरुआत शनिवार को हुई। संत समागम के दूसरे दिन सुबह 10 बजे कबीर भजन एवं प्रवचन हुये जिसमे छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान सहित अन्य प्रांत के संत एवं कबीर के अनुयायी शामिल हुए।

विभिन्न स्थान से आये  संत व अतिथियों का पुष्पाहार से स्वागत के बाद भजन व संगीत का कार्यक्रम हुआ।  सन्त समागम समारोह  में प्रवचन देते हुए  साहित्य वेदांताचार्य सुकृतदास साहेब ने कहा कि जीवन मे सत्य के बराबर कोई तपस्या नही है। और  झूठ के बराबर कोई बड़ा पाप नही है। हमे हमेशा अपने जीवन को सुखी बनाने के लिये कभी भी किसी के साथ छल नही करना चाहिए। क्योंकि देवों के देव परमात्मा सबको देख रहे है। लोग तो करोड़ो के बंगले में रहते है।लेकिन उनको भी शांति नही है। सुख शांति तो आपके भीतर है।जिसे मनुष्य ढूढने का प्रयास तक नही करता। वह दूसरों की निंदा में इतना चूर हो जाता है कि अपने जीवन का उद्देश्य ही भूल जाता है। कबीर आश्रम लिमतरा के महंत पंचम साहेब ने प्रवचन देते हुए कहा कि कबीर जी ने सन्देश दिया था कि मनुष्य को अपना जीवन सहज व सरल ढंग से जीना चाहिए। जीवन मे आपके सत्य की कमाई गई धन से ही शांति मिलती है। बाकी यह शरीर नस्वर है।महन्त राधेस्याम शास्त्री ने कहा कि  मनुष्य को अपना जीवन ज्ञान पूर्वक जीना चाहिए।क्योंकि कबीर जी ने कहा था कि हर जीव से प्रेम करो। तभी जीवन मे शांति मिलेगी। साथ ही अन्य सन्तो ने भी सन्त समागम में प्रवचन दिया।भिलाई से आये महंत अंतराम साहेब द्वारा कबीर जी के ऊपर कई मनमोहक भजन भी सुनाए।कबीर आश्रम में भक्तो के लिये विशेष रूप से दोनों दिन भोजन भण्डारा का आयोजन रखा गया था। सन्त समागम समारोह के  संचालन  छोटे महंत परमेस्वर साहेब के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन संत भूपत साहेब द्वारा किया गया। शाम 4 बजे से  सात्विक महायज्ञ चौका आरती हुआ जिसमें हजारों श्रद्धालुगण शामिल हुए। इसके बाद गुरूजनों का भेट बन्दगी व आभार प्रदर्शन के साथ संत समागम का समापन हुआ।

मौके पर पूर्व विधायक घना राम साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती जयश्री वर्मा,जनता कांग्रेेेस  प्रदेश महासचिव ,शकुुुनतला साहू, सरपंंच खेमलाल साहु, रमेश साहू,शिवकुुमार साहू, दौवा राम वर्मा,लालजी साहू,हिरेंद्र वर्मा ,अजय देवांगन,लेखराम साहू,किशन हिरवानी,भूपत साहू,राधिका हिरवानी,हितुदास,हीरादास,डॉ प्यारेलालसाहू, सतीश साहू,खिलेंद्र साहू, सहित अन्य उपस्थित थे।

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