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Chhattisgarh Raipur

ब्रेकिंग: विनोद वर्मा ने अदालत को बताया, सीडी काण्ड प्रदेश के दो मंत्रियों का षड्यंत्र

रायपुर। अश्लील सीडी काण्ड के आरोपी पत्रकार विनोद वर्मा ने रविवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के दो प्रभावशाली मंत्रियों के इशारे पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रियों ने साजिश के तहत नकली सीडी बनवाई और उन्हें फंसाया ताकि असली सीडी बाहर न आ सके।

गाजियाबाद से गिरफ्तार करके शनिवार की रात रायपुर लाए गए बीबीसी व अमर उजाला के पूर्व पत्रकार विनोद वर्मा को रविवार शाम जिला व सत्र न्यायालय में जेएमएफसी शिवप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में पेश किया गया। अदालत में विनोद वर्मा के अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा और फैजल रिजवी ने बहस करने के बाद मीडिया को बताया कि विनोद वर्मा ने अदालत से साफ कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के दो मंत्रियों के षड्यंत्र के परिणामस्वरूप उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि अंतागढ़ सीडी काण्ड के कुछ तथ्य उन्होंने उजागर किए थे, जिसमें छत्तीसगढ़ में संवैधानिक पदों पर बैठे बड़े-बड़े नेता शामिल हैं। अधिवक्ताओं ने बताया कि विनोद वर्मा ने अदालत को दोनों मंत्रियों के नाम भी बताए तथा आग्रह किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

विनोद वर्मा ने अदालत को बताया कि उनके निवास से पांच सौ सीडी जब्त किए जाने की बात गलत है। पुलिस इसके बारे में गलत जानकारी दे रही है। उनके पास से पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप तथा एक पेन ड्राइव जब्त की है। बाकी की कहानी पुलिस ने बनाई है। अधिवक्ताओं ने बताया कि विनोद वर्मा ने अपनी जान-माल का खतरा बताते हुए अदालत से सुरक्षा दिलाने का आग्रह भी किया है।

स्लिप डिस की परेशानी
सिल्प डिस की परेशानी झेल रहे विनोद वर्मा ने पुलिस से सड़क मार्ग से गाजियाबाद से रायपुर न ले जाने का आग्रह भी किया था लेकिन पुलिस ने उसे खारिज कर दिया और उन्हें कार से सड़क मार्ग से रायपुर लाया गया।

मुंह दबाकर किया कोर्ट में पेश
कांग्रेसजनों व मीडिया कर्मियों से खचाखच भरे जिला व सत्र न्यायालय परिसर में रविवार की शाम करीब पांच बजे पुलिस ने अश्लील सीडी काण्ड के आरोपी पत्रकार विनोद वर्मा को मुंह दबाकर अदालत में पेश किया, जहां उनकी जमानत के लिए वकील फैजल रिजवी तथा सतीश वर्मा ने पैरवी की। विनोद वर्मा को जेएमएफसी शिवप्रकाश त्रिपाठी की अदालत में पेश किया गया। उस वक्त में अदालत पसिर में सुरक्षा के कड़े इंतिजाम किए गए थे तथा विनोद वर्मा को पुलिस ने चारों तरफ से घेर रखा था। इस दौरान मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की परंतु पुलिस अफसरों ने जवाब देने से पहले ही विनोद वर्मा का मुंह दबा दिया और लगभग घसीटते हुए अदालत के भीतर ले गई। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की।

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