CHHATTISGARH.CO DATE 21-01-2021;-
जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गिधवा में 150 से ज्यादा प्रकार के पक्षियों का अनूठा संसार है। इनमें जलीय और थलीय दोनों ही प्रकार के पक्षी शामिल हैं। इको टूरिज्म के विकास और स्थानीय रोजगार की दृष्टि से गिधवा-परसदा में समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से वन विभाग और उसकी सहयोगी संस्था क्रो फाउंडेशन जगदलपुर और नोवानेचर वेलफेयर सोसाइटी दुर्ग, जशपुर वाइल्ड लाइफ वेलफेयर फाउंडेशन के द्वारा छत्तीसगढ़ के पहले बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।


गिधवा नांदघाट से आठ किमी दूर मुंगेली रोड पर है। करीब 50 एकड़ में फैले है। वर्षो पुराने तालाब के अलावा परसदा में भी जलभराव वाला जलाशय है। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों का अघोषित अभयारण्य माना जाता है। सर्दियों की दस्तक के साथ अक्टूबर से मार्च के बीच यहां यूरोप,मंगोलिया, बर्मा और बांग्लादेश से पहुंचते हैं। जलाशय की मछलियां, गांव की नम भूमि और जैव विविधता इन्हें आकर्षित करती है। गिधवा और परसदा दोनों वॉटर बॉडी में गैडवाल,नॉर्थन पिनटेल,रेड क्रेस्टेड पोचार्ड कॉमन पोचार्ड, मार्श, सेंड पाइपर, काॅमन सेंड पाइपर, कॉमन ग्रीन शेंक, काॅमन रेड शेंक आदि सैकड़ों हजारों की तादाद में कलरव करते हैं।


इनके अलावा यहां स्थानीय पक्षियों की 50 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
छत्तीसगढ़ में पहली बार पक्षी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें पक्षी प्रेमियों को विविध प्रकार के पक्षियों को देखने का मौका मिलेगा।दुर्ग डीएफओ ने बताया कि पहला पक्षी महोत्सव 31 जनवरी से शुरू होकर 2 फरवरी तक चलेगा।उन्होंने बताया कि महोत्सव में रुचि रखने वाले लोगों को ऑनलाइन पंजीयन करवाना होगा।
तीन दिनों तक चलेगा पक्षी महोत्सव…


विदित है कि गिधवा और परसदा में ग्रामीणों के द्वारा विगत कई वर्षों से पक्षियों का संरक्षण किया जा रहा है,ग्राम वासियों सहित आसपास के लोगों को हमारे दैनिक जीवन मे पक्षियों के महत्व को बताने के लिए तीन दिनों का महोत्सव किया जा रहा है।जिसमे ग्राम वासियों के भरपूर सहयोग रहेगा।


कार्यक्रम के पहले दिन गिधवा और परसदा के समस्त ग्रामवासी लोगों का स्वागत और अभिनन्दन करेंगे।दूसरे दिन सुबह 6 से 8 बजे और शाम 3 से 6 बजे तक पक्षी विशेषज्ञों के द्वारा पक्षियों के दर्शन कराए जाएंगे दोपहर को विशेषज्ञों के द्वारा अलग विषयों जैसे वेटलैंड पक्षियों के प्रवास और उसके व्यवहार के ऊपर व्यख्यान देंगे।तीसरे दिन स्कूली बच्चों के लिए गिधवा से परसदा तक “पिनटेल-मैराथन” का आयोजन किया जाएगा साथ ही लाइव फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा और विजेता प्रतिभागियों को पुरुस्कार वितरण के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा।तीनो दिन शाम को सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा।

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