CHHATTISGARH.CO DATE 21-01-2021;- भारत में 5G सर्विसेस अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं बावजूद कंपनियां बड़े पैमाने पर 5G फोन की खेप भारत पहुंचाने में जुटी हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, 5G रेडी फोन की कीमत में कमी आने से भारत में इस साल 3.80 करोड़ 5G फोन आ सकते हैं। यह नौ गुना सालाना ग्रोथ है और कुल मार्केट का 21 फीसदी है। 2020 की तीसरी तिमाही के अंत में भारत में ऐसे 17 लाख फोन आए थे। 2020 के अंत तक यह आंकड़ा 40 लाख को पार पहुंच गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, 5G शिपमेंट बढ़ाने में दो ब्रांड का अहम रोल है, जिसमें वनप्लस (एकमात्र ब्रांड जिसमें 100 प्रतिशत 5G पोर्टफोलियो है) और एपल (जिसने 5G कनेक्टिविटी के साथ आईफोन 12 सीरीज लॉन्च की थी) शामिल हैं। एनालिस्ट अंकित मल्होत्रा ​​ने कहा, यह बढ़ोतरी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) की बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और 5G स्मार्टफोन की कीमत में गिरावट से प्रेरित होगी।

वनप्लस नॉर्ड के आने के बाद चीजें बदलना शुरू हुईं
2020 की पहली तिमाही में भारत में पहला 5G स्मार्टफोन लॉन्च हुआ। अगस्त 2020 में मिड-बजट वनप्लस नॉर्ड के लॉन्च के बाद चीजें बदलनी शुरू हो गईं। काउंटरपॉइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, “लॉन्च होने के बाद पहले दो महीनों में नॉर्ड का शिपमेंट जून तक अन्य ब्रांडों के कुल 5G शिपमेंट से अधिक था।”

कम कीमत के कारण 5G अपना रहे लोग
5G स्मार्टफोन की तरफ बढ़ते लोगों के रुझान की बड़ी वजह यह भी है कि निर्माता इनकी कीमत 20 हजार रुपए से कम रख रहे हैं। जनवरी-नवंबर 2020 के बीच भारत में भेजे गए सभी स्मार्टफोन में से लगभग 89 प्रतिशत की कीमत 20 हजार रुपए से कम थी।

सस्ते 5G चिप से कीमतों में आई कमी

  • सस्ते 5G चिपसेट की उपलब्धता से मैन्युफैक्चरर्स को कीमत में और कमी लाने में मदद मिलेगी। दुनिया के सबसे बड़े चिपसेट मेकर क्वालकॉम और मीडियाटेक ने सस्ते 5G चिपसेट को पेश किया है। क्वालकॉम ने 4-सीरीज 5G चिपसेट की घोषणा की है जबकि मीडियाटेक ने किफायती डायमेंशन चिपसेट लॉन्च किए हैं। हालांकि चिपसेट की कमी के कारण ओईएम 5G चिपसेट को उन क्षेत्रों में डायवर्ट करने की कोशिश कर सकते हैं, जहां 5G अपनाने की क्षमता अधिक है।
  • फिलहाल टफ कॉम्पिटिशन में एंट्री-लेवल 5G फोन की कीमत 20,000 रुपए से कम है। उम्मीद की जा रही है कि 2021 की तीसरी तिमाही तक यह 15,000 रुपए पर पहुंच जाएगी।

रियालंस ने जुलाई 2020 में ही की थी 5G की घोषणा
15 जुलाई 2020 को रिलायंस की एजीएम में मुकेश अंबानी ने 5G टेक्नोलॉजी के बारे में घोषणा की थी। घरेलू संसाधनों का इस्तेमाल कर विकसित की गई इस तकनीक को देश को सौंपते हुए मुकेश अंबानी ने कहा था कि 5G स्पेक्ट्रम उपलब्ध होते ही रिलायंस जियो 5G तकनीक की टेस्टिंग के लिए तैयार है, और 5G तकनीक की सफल टेस्टिंग के बाद इस तकनीक के निर्यात पर रिलायंस जोर देगा। भारत में अभी तक 5G तकनीक की टेस्टिंग के लिए स्पेक्ट्रम उपलब्ध नहीं हो पाया है। मार्च में स्पेक्ट्रम की नीलामी होनी है लेकिन उसमें 5G स्पेक्ट्रम शामिल नहीं होंगे।

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