परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/ छुरा : ग्राम खरखरा से रसेला को जोड़ने वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग में सड़क धंसने और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण राहगीरों को हो रही परेशानी का मामला सामने आया था। करीब तीन महीने पहले नये डामरीकरण हुआ था लेकिन पहली बारिश में कुछ जगह धंसने की खबर मीडिया के माध्यम से सामने आया था। खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क की स्थिति का संज्ञान लिया और अब क्षतिग्रस्त हिस्सों में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि खरखरा से रसेला तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर पाइपलाइन अथवा अन्य कार्यों के लिए खोदे गए स्थानों के आसपास सड़क धंसने लगी थी। कई स्थानों पर डामरीकरण उखड़ने से सड़क की स्थिति खराब होने लगी थी। वहीं सड़क क्षतिग्रस्त होने वाले स्थानों पर लगाए गए सांकेतिक चेतावनी बोर्ड भी उखड़ गए थे, जिसके चलते वाहन चालकों को विशेषकर रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई थी।
मीडिया में मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू कर दी है। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य में तकनीकी एवं व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बारिश के चलते सड़क मरम्मत के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिल पा रही हैं, बावजूद इसके मुख्य मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी को देखते हुए आवश्यक मरम्मत कार्य जारी रखा गया है।स्थानीय लोगों ने विभाग द्वारा मरम्मत कार्य शुरू किए जाने पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क की गुणवत्ता और मरम्मत कार्य की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा सड़क धंसने या डामरीकरण उखड़ने की स्थिति निर्मित न हो। साथ ही क्षतिग्रस्त स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी एवं सांकेतिक बोर्ड लगाने की मांग भी की गई है।अब देखना होगा कि लगातार बारिश के बीच चल रहा यह मरम्मत कार्य कब तक पूर्ण होता है और सड़क को पूरी तरह सुरक्षित एवं सुचारू बनाने के लिए विभाग द्वारा आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल विभाग की सक्रियता से राहगीरों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।




