बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं, जनहित से जुड़े कार्यों और लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सेवाओं की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आवश्यक सेवा से जुड़े कोई भी अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी अधिकारी को किसी कारणवश मुख्यालय से बाहर जाना आवश्यक हो तो नियमानुसार पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिले में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं एवं जनहित से जुड़े कार्य संचालित हैं। ऐसे में अधिकारियों की मुख्यालय में उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। विशेषकर स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, खाद्य, शिक्षा, विद्युत एवं जल प्रदाय जैसे आवश्यक सेवा वाले विभागों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिकों को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
सड़क दुर्घटना के क्षतिपूर्ति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण
बैठक में कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में मृत एवं घायल व्यक्तियों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति एवं राहत राशि के प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है। इसलिए ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से दुर्घटना से संबंधित क्लेम प्रकरण तैयार कर समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राहत राशि की स्वीकृति में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चलेगा जांच अभियान
कलेक्टर ने जिले में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने नगर पालिका एवं राजस्व अमले को बाजारों और दुकानों में लगातार जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पाया जाता है तो उसे जब्त कर नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाए। साथ ही नागरिकों एवं व्यापारियों को कपड़े के थैले तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों का हो संतुष्टिपूर्ण निराकरण
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की भी गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण दर्ज न किया जाए, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए आवेदक से चर्चा कर उसकी वास्तविक समस्या को समझें। आवश्यकता होने पर अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
समय-सीमा के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाएं
कलेक्टर ने समय-सीमा के अंतर्गत लंबित पत्रों, जनदर्शन, जनशिकायतों एवं अन्य विभागीय प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता के कार्य समय-सीमा में पूरे होना चाहिए। इसलिए सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए।
विशेष रूप से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं जाति प्रमाण पत्र जैसे राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को अपने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित सुनवाई कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फील्ड में सक्रिय रहकर जनता से सीधा संवाद करें अधिकारी
बैठक के अंत में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने तथा आम जनता से सीधा संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।



