नेपाल में बाढ़ के कारण आई आपदा में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी अलग-अलग जगहों पर राहत और बचाव टीमें अभियान चला रही हैं। हजारों लोग लापता हैं। इस बीच यहां दूसरी बार भयंकर बाढ़ की चेतावनी दी गई है। तिब्बत के पहाड़ों में बर्फ का टुकड़ा टूटने से तबाही आई थी। पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और बड़ी चट्टानें बहकर आई थीं, जिससे जमकर तबाही हुई। अब दोबारा तिब्बत में ऐसे हालात बने हैं, जिसके कारण फिर से भारी मात्रा में पानी और मलबा निचले इलाकों में आ सकता है और इसके रास्ते में आने वाली हर चीज तबाह हो जाती है।
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने लोगों को अलर्ट करते हुए एक्स पर लिखा, “रासुवा डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस को जानकारी मिली है कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव तेज होने की आवाज सुनी गई है। इसलिए, हम नदी के आस-पास के इलाकों में रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग तक सावधानी बरतने की रिक्वेस्ट करते हैं।
275 से ज्यादा भारतीय लापता
विदेश मंत्रालय के अनुसार इस भयानक बाढ़ के बाद 275 से ज्यादा भारतीय लापता हैं। वहीं, 108 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। भारतीय मूल के 128 लोग भी लापता हैं। पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित रूप से नेपाल पार कर चुके हैं, जबकि लगभग 900 भारतीय अभी भी चीन में हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क किया जा सकता है। चार भारतीय नागरिक (रिपु कुमार, चनेश्वर नरजरी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन) को रासुवा में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से बचाया गया, और उनके जल्द ही काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है। रासुवा उन इलाकों में से एक था जो बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
भारत ने मदद सामग्री के साथ चौथा प्लेन भेजा
भारत ने शनिवार को इंडियन एयर फोर्स के C-130J मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट से 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप नेपाल भेजी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि एयरक्राफ़्ट में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए इक्विपमेंट के साथ एक टेक्निकल टीम भी थी, साथ ही DNA एनालिसिस के लिए फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट्स की एक टीम और फ़ोरेंसिक इक्विपमेंट भी थे। फ़ोरेंसिक टीम बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी। इसके अलावा, 230 फुट के ‘सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज’ के लिए इक्विपमेंट ले जाने वाले 16 ट्रक नेपाल पहुंच गए हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए इक्विपमेंट जल्द ही सप्लाई किए जाएंगे। उन्हें लगाने के लिए टेक्निकल टीमों के जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। भारत ने अब तक नेपाल को कुल 68.5 टन राहत सामग्री भेजी है।




