परमेश्वर राजपूत,गरियाबंद :छुरा ब्लॉक मुख्यालय से ओडिशा राज्य को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग के सारागांव-कोसमबुड़ा सड़क मार्ग पर पुल टूटने के बाद बदहाल सड़क की समस्या को लेकर मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। खबर का असर यह रहा कि बुधवार को क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू मौके पर पहुंचे। उनके साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के अलावा तहसीलदार, एसडीएम तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और सड़क की स्थिति का जायजा लिया।बारिश के चलते सारागांव से कोसमबुड़ा मार्ग के पुल के आसपास सड़क की स्थिति खराब होने से ग्रामीणों एवं राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ ओडिशा राज्य को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग भी है। सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी और समस्या को मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से सामने लाया गया था।
मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। विधायक रोहित साहू की मौजूदगी में अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सड़क एवं पुल के आसपास की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बिना देर किए जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर मौके पर लगाकर सुधार एवं मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया।अचानक शुरू हुए कार्य से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग से गुजरना काफी मुश्किल हो गया था। सड़क की स्थिति खराब होने से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
मीडिया की पहल से मिली तत्काल राहत
सारागांव-कोसमबुड़ा मार्ग की समस्या को मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिस तरह प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर मशीनें लगाकर काम शुरू कराया है, उससे एक बार फिर यह साबित हुआ कि जनसमस्याओं को सामने लाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि स्थानीय लोगों की मांग है कि फिलहाल किए जा रहे सुधार कार्य के साथ-साथ पुल और सड़क की स्थायी समस्या का भी समाधान किया जाए, ताकि बारिश के मौसम में बार-बार ऐसी स्थिति निर्मित न हो।अब लोगों की नजर इस बात पर है कि शुरू किया गया सुधार कार्य कितनी जल्दी पूरा होता है और इस महत्वपूर्ण मार्ग की स्थायी मरम्मत एवं मजबूती के लिए विभाग द्वारा आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।




