छुरिया-कोरोना जैसे संक्रामक महामारी के समय पूरी दुनिया एवं देश मे लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है।लोगो के रोजगार एवं काम धंधे बंद बड़े है।जिस पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाते हुए नगरीय निकाय क्षेत्रो में पार्षद निधि मद से वार्ड के नगर के लोगो के लिए राशन वितरण का आदेश जारी किया गया है।जहाँ सरकार एक और सभी वर्ग के लोगो के हित को देखते हुए राशन वितरण के लिए पार्षद निधि का उपयोग करने आदेशित किया गया है।वही इस सरकारी निधि का वार्ड पार्षद जैसे जनप्रतिनिधि अपने घर की निधि लगा रहे है,ऐसे वार्ड के लोगो को चिन्हांकित कर राशन सामग्री वितरण की सूची बना रहे है।जबकि ऐसे संकट के समय मे उक्त जनप्रतिनिधियों को भेद भाव न करते हुए अपने वार्ड के सभी परिवारों में राशन सामग्री वितरण करना चाहिए।आखिर वे अपने वार्ड के मुखिया होते है।इस नाते उन्हें संक्षम एवं असंक्षम सभी लोगो की पूछ परख करनी चाहिए।छुरिया नगर पंचायत में 15 वार्ड है,सभी वार्ड में सीमित परिवार रहते है।यदि एक वार्ड में पचास से सौ परिवार भी रहते है,तो उनके वितरण में प्रति परिवार एक हजार की दर से पचास हजार से एक लाख रुपये की निधि का व्यय होगा।जबकि वार्ड पार्षदों को प्रतिवर्ष दो लाख रूपए प्राप्त होते है।परंतु छुरिया नगर पंचायत के कुछ वार्ड पार्षदों को छोड़कर ज्यादातर पार्षद गिने चुने परिवारों को ही राशन वितरण की सूची में शामिल किए है,जो उनके सामाजिक भेदभाव को दर्शाता है।वार्ड पार्षदों की राशन वितरण सामग्री सूची से उपेक्षित परिवार आगामी समय मे कही उन पर भारी न पड़ जाए।छत्तीसगढ़ शासन का धय्ये सबका साथ, सबका विकास की उलट वार्ड पार्षदों द्वारा कुछ का साथ,अपना विकास को चिरितार्थ कर रहे है।वार्ड एवं नगर की जनता ऐसे लोगो को चिन्हांकित कर रही है,आगामी समय मे नगर की जनता द्वारा ऐसे प्रतिनिधि को जवाब मिल जाएगा।नगर के प्रबुद्धजनों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की वार्ड पार्षदों को सलाह है कि नगर के सभी परिवारों के हित को ध्यान देते हुए कार्य करे।

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