छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, उम्र सीमा 45 साल; निर्यात नीति और NSTI को मंजूरी

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, युवाओं के कौशल विकास, सरकारी कर्मचारियों और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अधिकतम आयु सीमा 45 साल

कैबिनेट ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों के साथ निगम-मंडल, स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को बड़ी राहत दी है।

इन कर्मचारियों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

सरकार के इस फैसले से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में काम कर रहे कर्मचारियों को उच्च पदों और दूसरी शासकीय सेवाओं में जाने के लिए ज्यादा अवसर मिल सकेंगे। इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है।

नई नीति के तहत प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की योजना है।

ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा।

सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि करते हुए प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

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नवा रायपुर में बनेगा NSTI, 10 एकड़ जमीन मुफ्त

नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

NSTI में दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में हर साल करीब 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

सरकार के मुताबिक संस्थान की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही नवा रायपुर को कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

दुर्ग में नया जिला न्यायालय परिसर बनाने का रास्ता साफ

कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।

इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक और सुव्यवस्थित नए जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा। इससे जिले की न्यायिक अधोसंरचना को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट के फैसलों का सीधा असर

छत्तीसगढ़ सरकार के इन फैसलों में जहां कर्मचारियों को 45 वर्ष तक उच्च पदों के लिए आवेदन का अवसर मिलने से बड़ी राहत मिलेगी, वहीं नई निर्यात नीति प्रदेश के कारोबार और उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। दूसरी ओर NSTI से युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

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