Swine Flu Alert: रायपुर बना हॉटस्पॉट! 50 एक्टिव केस, छत्तीसगढ़ में संक्रमितों का आंकड़ा 298 पहुंचा

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। राजधानी रायपुर संक्रमण के मामले में सबसे आगे है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है, जबकि वर्तमान में 50 एक्टिव केस हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत सामान्य बताई जा रही है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है।

रायपुर में सबसे ज्यादा क्यों मिल रहे मरीज?

मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के मुताबिक, रायपुर में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस स्टैंड जैसे प्रमुख परिवहन केंद्र होने के कारण दूसरे राज्यों और जिलों से लोगों का लगातार आना-जाना होता है। इसी वजह से यहां संक्रमण के मामले अन्य जिलों की तुलना में ज्यादा सामने आ रहे हैं।

उन्होंने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं बरतने और तत्काल जांच कराने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बचाव को लेकर प्रोटोकॉल भी जारी किया गया है। रायपुर के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था उपलब्ध है।

1 जनवरी से अब तक 298 पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 8 सितंबर 2026 तक छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के कुल 298 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। राहत की बात यह है कि अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू से एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है।

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इन जिलों में मिले नए मरीज

8 सितंबर तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में नए स्वाइन फ्लू मरीज मिले हैं।

– बिलासपुर – 3
– बलौदाबाजार – 2
– बस्तर – 2
– दुर्ग – 4
– जांजगीर-चांपा – 1
– कोंडागांव – 1
– कोरबा – 3
– महासमुंद – 2
– मुंगेली – 1
– रायपुर – 19
– राजनांदगांव – 2
– सरगुजा – 1
– अन्य राज्य – 5

इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी रायपुर में नए मामलों की संख्या सबसे अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर जांच कराने की अपील की है।

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, हाथों की नियमित सफाई करना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढंकना और लक्षण नजर आने पर खुद को दूसरों से अलग रखना जरूरी है। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

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