बार-बार सिरदर्द और चक्कर क्यों आते हैं? न्यूरोलॉजिस्ट से जानें कब हो जाएं सावधान

Spread the love

सिरदर्द और चक्कर आना ऐसी समस्याएं हैं, जिन्हें अक्सर लोग थकान, कमजोरी या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर ये दोनों लक्षण एक साथ दिखाई दें या बार-बार महसूस हों, तो इनके पीछे कई स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह माइग्रेन, शरीर में पानी की कमी या ब्लड प्रेशर में बदलाव का संकेत हो सकता है, जबकि कुछ स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। डॉ. ज्योति बाला शर्मा, निदेशक, न्यूरोलॉजी, फोर्टिस, नोएडा बता रही हैं कि कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

माइग्रेन हो सकता है एक कारण

माइग्रेन केवल तेज सिरदर्द तक सीमित नहीं है। कुछ लोगों को इसके साथ चक्कर आने, संतुलन बनाने में परेशानी, मतली और रोशनी या तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। इसे वेस्टिबुलर माइग्रेन कहा जाता है।

ये भी पढ़े :50 से ज्यादा CCTV कैमरों ने खोला राज, चार महिलाओं की मौत के मामले में फरार पिकअप की पहचान

ब्लड प्रेशर और शरीर में पानी की कमी
ब्लड प्रेशर कम होने पर अचानक खड़े होते समय चक्कर आ सकते हैं। वहीं, शरीर में पानी की कमी होने से सिरदर्द, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। लंबे समय तक भोजन न करना या ब्लड शुगर कम होना भी ऐसे लक्षणों का कारण बन सकता है।

कान से जुड़ी समस्याएं और एनीमिया
कान के अंदर में संतुलन से जुड़ी समस्याओं के कारण चक्कर आ सकते हैं। इसके अलावा, शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया होने पर कमजोरी, थकान और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। कुछ लोगों में इसके साथ चक्कर भी आते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, या उसके साथ बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, देखने में बदलाव, बेहोशी अथवा चलने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये स्ट्रोक या अन्य गंभीर समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।

क्या सावधानियां बरतें?
पर्याप्त पानी पिएं, नियमित भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। यदि सिरदर्द और चक्कर बार-बार आते हैं, लंबे समय तक बने रहते हैं या उनकी तीव्रता बढ़ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। लक्षणों के आधार पर डॉक्टर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन या अन्य जरूरी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। याद रखें, सिरदर्द और चक्कर आने का सटीक कारण केवल लक्षणों के आधार पर निर्धारित नहीं किया जा सकता। सही समय पर जांच और सही उपचार से गंभीर समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *