मुंबई : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई की किला कोर्ट ने बुधवार को तीन आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच के लिए 14 दिनों की हिरासत मांगी थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के सिलसिले में दूसरे राज्यों में भी जाना पड़ सकता है। इस केस में लॉरेंस बिश्नोई और अनिल पंडित के नाम से कथित तौर पर धमकी मिलने के पहलू की भी जांच की जा रही है।
बचाव पक्ष ने पुलिस पर लगाए नियमों के उल्लंघन के आरोप
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाते समय उसकी शर्तों का उल्लंघन किया गया। वकील के मुताबिक, आरोपियों से रास्ते में ही पूछताछ की गई, जबकि ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य इस तरह की जांच करना नहीं है।
बचाव पक्ष ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग भी की। हालांकि, पुलिस ने हथियारों की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के लिए हिरासत जरूरी बताई।
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हथियारों की बरामदगी और लॉरेंस बिश्नोई एंगल पर जांच
पुलिस के सामने हथियारों का पता लगाने और फायरिंग की पूरी कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। बचाव पक्ष के वकील ने भी सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि हथियार अब तक बरामद क्यों नहीं हुए हैं। वहीं, मामले में लॉरेंस बिश्नोई के नाम से जुड़े कथित एंगल की जांच भी अहम मानी जा रही है। इन पहलुओं पर जांच के नतीजे सामने आना अभी बाकी है।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर चली थीं गोलियां
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई थी। वारदात के बाद हमलावर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में टाइगर श्रॉफ को गंभीर चोट नहीं आई, जबकि उनके ड्राइवर समेत दो लोग घायल हुए थे।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, कार पर पांच से छह गोलियां चलाई गई थीं। कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल अंधेरी इलाके में लावारिस हालत में मिली थी।
सूरत से ट्रेन में सवार हुए, नेपाल भागने की थी योजना
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी सूरत पहुंचे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए। जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि उनकी योजना बस से दिल्ली पहुंचने और फिर नेपाल भागने की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, तीन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। हथियारों की बरामदगी, फायरिंग के पीछे की वजह और कथित धमकी से जुड़े पहलुओं पर जांच जारी है।




