अर्नब तूफान ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, प्रति एकड़ 20 हजार रुपये मुआवजा दे सरकार : राजेंद्र राजपूत

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खेतों में गिर गई धान की तैयार फसल, जलभराव से बालियों में दाना भरने की उम्मीद भी कम; सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में अर्नब तूफान के प्रभाव से हुई असमय बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की खरीफ धान फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिरने और निचले खेतों में पानी भर जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय किसान संघ के गरियाबंद जिला मंत्री एवं समाजसेवी राजेंद्र सिंह राजपूत ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की है।राजेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने लगभग पांच महीने तक कड़ी मेहनत कर धान की फसल तैयार की थी। इस दौरान बीज, खाद, दवाई, मजदूरी और कृषि कार्यों में अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ कर्ज की रकम भी लगा दी। लेकिन फसल पककर तैयार होने के समय अचानक आए अर्नब तूफान और असमय बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।उन्होंने बताया कि अर्ली वैरायटी के धान की फसल कई क्षेत्रों में पककर तैयार हो चुकी थी, वहीं गहरी जमीन में लगाए गए धान में बालियां निकल आई थीं। तेज हवा और बारिश के कारण तैयार फसल खेतों में गिर गई है। दूसरी ओर खेतों में पानी भरने से धान की बालियों में दाना भरने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। इससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है और किसानों को लगभग 60 प्रतिशत तक फसल नुकसान होने का अनुमान है।

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राजपूत ने कहा कि किसान पूरे साल खरीफ की फसल पर निर्भर रहते हैं। धान की उपज से ही उनकी आर्थिक व्यवस्था, परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और सालभर की जरूरतें पूरी होती हैं। ऐसे में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने कर्ज चुकाने और आगामी कृषि कार्यों की व्यवस्था करने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चिंता जताई कि दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार के समय किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। जिन किसानों ने त्योहार से पहले अपनी उपज बेचकर परिवार की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद लगा रखी थी, अब उन्हें फसल खराब होने के कारण कर्ज लेकर त्योहार मनाने की नौबत आ सकती है।

राजेंद्र सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम से आग्रह किया है कि प्रदेश के सभी प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम से फसल क्षति का सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वे में वास्तविक नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि किसानों को इस प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद मिल सके।उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर आर्थिक राहत की आवश्यकता है। सरकार को किसानों की वास्तविक स्थिति को समझते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए, जिससे उनकी मेहनत और आर्थिक स्थिति को हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके।

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