ईरान में परमाणु हमले का डर! IRNA ने जारी किया 8 मिनट का वीडियो, नागरिकों को बताया रेडिएशन से बचने का तरीका

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अमेरिका ईरान पर न्यूक्लियर अटैक कर सकता है। इसे लेकर ईरानी अधिकारियों ने परमाणु विस्फोट से बचने के तरीकों पर सार्वजनिक सलाह जारी की है। आठ मिनट के इस वीडियो में हमले के बाद आश्रय लेने, रेडियोधर्मी संदूषण (radioactive contamination) से बचने और ‘फॉलआउट’ (विस्फोट के बाद गिरने वाले रेडियोधर्मी कणों) से सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ (IRNA) ने वीडियो के साथ ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी किए गए निर्देश में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बेसमेंट (तहखाने) में शरण लें, खिड़कियों से दूर रहें और ऐसे एयर कंडीशनर बंद कर दें जो बाहर की हवा अंदर खींचते हैं। साथ ही, इसमें यह भी बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति खुले में फंस जाए, तो उसे क्या करना चाहिए।

मिस्र और सऊदी अरब ने भी जारी की गाइडलाइंस

मिस्र और सऊदी अरब के मीडिया आउटलेट्स ने भी इन निर्देशों के बारे में जानकारी दी है। इनमें ईरानियों को सलाह दी गई है कि किसी संभावित हमले के बाद वे कम से कम 24 घंटे तक सुरक्षित स्थान पर रहें, पैकेटबंद भोजन और बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करें, और वाहनों के अंदर शरण लेने से बचें। ईरान के आपातकालीन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रेडियोधर्मी कण हवा के जरिए फैल सकते हैं, जिससे विस्फोट वाली जगह से दूर मौजूद लोगों को भी खतरा हो सकता है।

ईरान ने जारी की एडवाइजरी
29 अक्टूबर को IRNA ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की, जिसके साथ आठ मिनट का एक शैक्षिक वीडियो भी है। परमाणु विस्फोट से बचने के लिए दिए गए ये स्पष्ट निर्देश, जून 2025 में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों के दौरान तेहरान द्वारा दिए गए बयानों से काफी अलग हैं। उस समय अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि रेडिएशन उन जगहों से बाहर नहीं फैला है, जिन्हें निशाना बनाया गया था।

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एडवाइजरी में क्या है?

  • ईरान ने नागरिकों से कहा: घर के अंदर रहें, AC बंद करें और खिड़कियों से दूर रहें।
  • ईरान की एडवाइजरी में परमाणु विस्फोट के चार मुख्य खतरों के बारे में बताया गया है: तेज रोशनी, विस्फोट की लहरें, अत्यधिक गर्मी और रेडियोधर्मी पदार्थों का रिसाव।
  • इस्फ़हान रेड क्रिसेंट सोसाइटी में शिक्षा और अनुसंधान के उप-निदेशक, इब्राहिम अदेलज़ादेह ने लोगों को सलाह दी है कि वे मजबूत इमारतों में शरण लें और खिड़कियों से दूर रहें।
  • अदेलज़ादेह ने ईरान के सरकारी प्रसारक ‘IRNA’ से कहा, “अगर सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके, तो इमारत का बेसमेंट या बीच का कोई कमरा – जो खिड़कियों से दूर हो – शरण लेने के लिए एक उपयुक्त जगह हो सकती है।”
  • लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लें, एयर-कंडीशनर (AC) बंद कर दें और वेंटिलेशन सिस्टम को भी बंद कर दें, जो बाहर की हवा को इमारत के अंदर लाते हैं।
  • मिस्र के मीडिया आउटलेट ‘वीटो’ (Veto) ने मंगलवार को बताया कि इन निर्देशों में 24 घंटे तक सुरक्षित स्थानों (शेल्टर) के अंदर रहने की तैयारी करना भी शामिल है।
  • रियाद स्थित ‘सऊदी न्यूज़ 50’ ने और अधिक विस्तृत जानकारी देते हुए लोगों को सलाह दी है कि वे यह न मान लें कि 24 घंटे बीत जाने के बाद उनके आसपास का माहौल सुरक्षित हो जाएगा।

अगर कोई परमाणु विस्फोट के समय बाहर हो, तो क्या करे?

  • ईरानी अधिकारियों ने लोगों को यह भी चेतावनी दी है कि वे परमाणु विस्फोट की तेज चमक को सीधे न देखें।
  • जो लोग बाहर हैं और तुरंत किसी इमारत के अंदर नहीं जा सकते, उन्हें जमीन से सटकर लेटने, किसी आड़ के पीछे छिपने और अपने सिर व चेहरे को बचाने की सलाह दी गई है।
  • लोगों को सलाह दी गई है कि शुरुआती विस्फोट की लहर गुजर जाने के बाद, वे तुरंत किसी नजदीकी मजबूत इमारत के अंदर चले जाएं।
  • मिस्र के मीडिया आउटलेट ‘सदा अल-बलद’ की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे बाहर रुककर विस्फोट को न देखें, उसकी तस्वीरें न लें और वाहनों को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल न करें।
  • ‘सऊदी न्यूज़ 50’ की रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी इमारत में आग लग जाए या उसके गिरने का खतरा हो, तो वहां से हटकर किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए।

ईरान पर हो सकता है न्यूक्लियर अटैक
ईरान के इस्फ़हान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं द्वारा जारी किया गया यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान के ‘पिकएक्स माउंटेन’ पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। नतान्ज़ के पास स्थित यह जगह ज़मीन के काफी नीचे बनी एक परमाणु-संबंधी साइट है। 16 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वाशिंगटन इस पहाड़ को निशाना बना सकता है, हालांकि उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

सोमवार को अमेरिकी पत्रकार और टिप्पणीकार टकर कार्लसन ने आरोप लगाया कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रम्प पर दबाव डाल रहे हैं कि वे कुछ ही दिनों के भीतर ‘पिकएक्स माउंटेन’ पर परमाणु हमला कर दें।

विस्फोट वाली जगह से काफी दूर तक फैल सकता है

  • ईरान की चेतावनियों में सबसे अहम चेतावनी हवा में मौजूद रेडियोधर्मी कणों के बारे में थी। इस्फ़हान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अदेलज़ादेह ने आगाह किया कि रेडियोधर्मी पदार्थ हवा के ज़रिए दूर तक जा सकते हैं और विस्फोट वाली जगह से काफी दूर मौजूद लोगों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
  • उन्होंने IRNA को बताया, “विस्फोट वाली जगह से काफी दूर रहने वाले लोगों को भी आधिकारिक चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्हें ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अपने घरों या कार्यस्थलों की सुरक्षा के बारे में फ़ैसले लेने चाहिए।”
  • अगर हवा रेडियोधर्मी कणों को पूर्व की ओर ले जाती है, तो ये कण पाकिस्तान और यहाँ तक कि भारत के कुछ हिस्सों तक भी पहुँच सकते हैं।
  • जिन लोगों के रेडियोधर्मी धूल के संपर्क में आने की आशंका है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने बाहरी कपड़े सावधानी से उतारें, उन्हें सीलबंद थैलियों में रखें, और अपनी त्वचा तथा बालों को गुनगुने पानी और साबुन से अच्छी तरह धो लें।
  • ‘सऊदी न्यूज़ 50’ की रिपोर्ट में लोगों को यह सलाह भी दी गई है कि वे बिना कंडीशनर वाले सामान्य शैम्पू का इस्तेमाल करें। अगर नहाना संभव न हो, तो अपनी त्वचा को गीले वाइप्स (wet wipes) से साफ़ करें और खाने-पीने के लिए पैकेटबंद भोजन और बोतलबंद पानी का ही इस्तेमाल करें।
  • ईरान ने रेडिएशन के मामले में खुद से दवा लेने (self-medication) के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है।
  • वीडियो में रेडिएशन से जुड़ी कुछ आपातकालीन स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के बारे में भी चर्चा की गई है।
  • इस्फ़हान की प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी सर्विस के प्रवक्ता अब्बास आबेदी ने चेतावनी दी कि बिना डॉक्टरी सलाह के आयोडीन की गोलियां नहीं लेनी चाहिए।

उन्होंने IRNA को बताया, “कुछ खास स्थितियों में, ‘स्टेबल आयोडीन’ (stable iodine) थायरॉयड ग्रंथि द्वारा रेडियोधर्मी आयोडीन के अवशोषण को कम कर सकता है। लेकिन, यह अन्य रेडियोधर्मी पदार्थों या विस्फोट से निकलने वाले रेडिएशन से सुरक्षा नहीं देता है।” वीडियो में ‘प्रशियन ब्लू’ (Prussian Blue) नामक दवा का भी ज़िक्र किया गया है। यह दवा उन मामलों में दी जाती है, जहां शरीर के अंदर रेडियोधर्मी सीज़ियम-137 (caesium-137) पहुंच गया हो।

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