कोरोना वायरस और लॉकडाउन की मार झेल रहे आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने बीते दिनों मोरेटोरियम का ऐलान किया था। इसके तहत Home Loan समेत विभिन्न कर्ज की EMI (मासिक किस्त) को आगे बढ़ाने का विकल्प दिया था। हालांकि इस अवधि का ब्याज ग्राहक को जरूर देना होगा। अब मांग उठी है कि सरकार को इस अवधि का Home Loan Interest भी पूरी तरह माफ कर देना चाहिए। यह मांग फोरम फॉर पीपुल्स कलेक्टिव इफर्ट्स (FPCE) ने की है। यह घर खरीदने वालों का एक संगठन है जिसने 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है।

चिट्ठी में मांग की गई है कि सरकार ने मोरेटोरियम का बहुत अच्छा फैसला लिया, लेकिन कोरोना वायरस की मार झेल रहे आम जनता को राहत देते हुए सरकार को Home Loan Interest भी माफ कर देना चाहिए।

बिल्डर्स को मिली छूट पर नाखुशी

पत्र में केंद्र सरकार द्वारा आम जनता को राहत पहुंचाने वाले कदम उठाने के लिए धन्यवाद दिया गया है, लेकिन इस बात पर नाखुशी व्यक्त की गई है कि बिल्डर्स को अपने प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए 6 से 9 महीनों का समय दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि बिल्डर्स को केवल लॉकडाउन की अवधि की छूट मिलनी चाहिए। 6 से 9 महीनों का एक्सटेंशन मिलने पर प्रोजेक्ट और लेट हो गए।

इनकम टैक्स में छूट की भी मांग

पत्र में आगे इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव की मांग की गई है। लिखा गया है कि इनकम टैक्स 1961 के सेक्शन 24 बी में संशोधन किया जाना चाहिए। कानून की इस धारा में होम लोन के इंटरेस्ट में छूट का दावा करने के लिए 5 साल की अवधि तय की गई है।

संगठन ने चिट्ठी में लिखा है कि बहुत से लोग ऐसे हैं जो यह EMI और मकान किराया, दोनों भर रहे हैं और बिल्डर द्वारा उनके मकान की पजेशन की तारीख निकल चुकी है। ऐसे लोगों को अतिरिक्त मदद दी जानी चाहिए क्योंकि इन पर दोहरा भार पड़ रहा है। साथ ही बिल्डर्स से कहा जाना चाहिए कि ऐसे लोगों के प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरे करके दें। पत्र में RERA कानून के सेक्शन 6 में भी बदलाव की मांग की गई है ताकि आम खरीदारों को और राहत मिल सके।

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