सुरेश और सीमा को भाई-बहनों ने पढ़ाई के लिए किया उत्साहवर्धनकलेक्टर श्री रितेश कुमार अग्रवाल ने बच्चों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

बीजापुर 17 अक्टूबर 2020 chhattisgarh.co :- जिले के धुर नक्सली प्रभावित ईलाके के सामान्य कृशक परिवारों के 5 बच्चों ने देश   की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को क्वालीफाई कर अपनी मेहनत और लगन को साबित कर दिया है। वहीं ये सभी बच्चे साधनों की कमी और दूरस्थ ईलाके से होने के वाबजूद इस सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा मंे सफलता हासिल कर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गये हैं। जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा खनिज न्यास निधि से संचालित ’’छूलो आसमान’’ संस्था बीजापुर में अध्ययनरत् अजय कलमूम, सुरेश मड़कम, सीमा भगत, षीनू झाड़ी और हरीश एगड़े ने अपनी मेहनत और अथक लगन के बलबूते नीट प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल किया है। अब उक्त बच्चों को काउन्सलिंग में षामिल होकर देश  की मेडिकल काॅलेज में पढ़ाई हेतु अवसर मिलने की संभावना है। जिला कलेक्टर श्री रितेश   कुमार अग्रवाल जिले के सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों के इन बच्चों की सफलता पर उन्हे बधाई देने के साथ ही अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी है। उन्होने इन बच्चों की सफलता के लिए ’’छूलो आसमान’’ संस्था के शिक्षकों को भी बधाई देते हुए आगामी प्रवेष परीक्षाओं के लिए बच्चों को बेहतर कोचिंग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने कहा है। देश  की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट क्वालीफाई करने वाले इन बच्चों में उसूर ब्लाॅक अंतर्गत कोत्तागुडम निवासी सुरेश मड़कम के पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है। सुरेष ने बताया कि माताजी षांति सहित दो बड़े भाई संतोश और अर्जुन खेती-किसानी कर उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते हैं। सुरेश भी 12वीं में 60 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने भाईयों के सपने को साकार करने कृतसंकल्पित है। सुरेश ने नीट प्रवेश परीक्षा में 24115वां अखिल भारतीय रैंक हासिल किया है। इसी तरह भैरमगढ़ ब्लाक के बेंचरम निवासी अजय कलमूम ने नीट में 23390वां रैंक हासिल किया है। अजय ने बताया कि उसके माता-पिता रामेष्वरी और सोमारू खेती-किसानी कर उसे पढ़ाई करवा रहे हैं, अजय को भरोसा है कि उसे मेडिकल काॅलेज में अवश्य प्रवेश मिलेगी। वहीं बीजापुर निवासी सीमा भगत ने बताया कि पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है और बड़े भाई अर्जुन भगत उसकी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं एक छोटे भाई प्रीतम बीएससी द्वितीय वर्श की पढ़ाई कर रहा है। सीमा ने बताया कि माता बृहस्पति भगत गृहणी हैं और उसकी पढ़ाई पर सतत् ध्यान देती हैं। सीमा को नीट में 26454वां रैंक मिला है। बीजापुर के ही रहने वाले हरीश एगड़े और बीजापुर ब्लाक के पापनपाल निवासी षीनू झाड़ी ने भी देश   की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट क्वालीफाई कर जिले का नाम रौशन किया है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री डी समैया और छूलो आसमान संस्था के प्राचार्य श्री बसमैया अंगनपल्ली ने बताया कि घोर माओवाद प्रभावित ईलाके के इन बच्चों की सफलता से हम सभी खुश   हैं और अब उक्त बच्चों को मेडिकल काॅलेज में प्रवेश हेतु काउन्सलिंग प्रक्रिया में सम्मिलित करवायेंगे। इन बच्चों की सफलता से अन्य बच्चों को पढ़ाई एवं तैयारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इसे मद्देनजर रखते हुए आगामी प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं के लिए संस्था के बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही विषेशज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन सुलभ कराया जायेगा।  

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