CGHB | Chhattisgarh Housing Board

रायपुर 21 नवम्बर chhattisgarh.co। राजधानी रायपुर के शांति नगर पुनर्विकास योजना (मल्टीस्टोरी काम्पलेक्स) पर मंत्रिमंडलीय उप समिति ने अपनी सहमति दे दी है। इसे पीपीपी मॉडल पर गृह निर्माण मंडल बनाएगा। पुनर्विकास का कार्य 12 से 18 माह में चार चरणों में होगा। उप समिति ने अपनी यह अनुशंसा कैबिनेट को भेज दी है। 28 नवंबर को कैबिनेट इस पर निर्णय लेगी। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में आवास मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, सचिव आवास एवं पर्यावरण अंकित आनंद और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अयाज तंबोली उपस्थित थे। यहां सचिव आवास अंकित आन?ंद ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा जी, एच, एवं आई टाइप के भवनों को भूमि सहित समस्त परिसम्पत्तियों के साथ आवास एवं पर्यावरण विभाग को हस्तांतरित किया गया है। इन भवनों को जीर्ण-शीर्ण घोषित करने के लिए प्रकरण सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। लोक निर्माण विभाग के सभी बी, सी, डी, ई एवं एफ टाइप आवासों को जीर्ण-शीर्ण घोषित किया जा चुका है। प्रथम चरण में 10 आवासों को हटा दिया गया है तथा 2 आवास शेष है।

प्रथम चरण में 31 अवैध निर्मित झुग्गी-झोपड़ी है, इन्हें हटाने के लिए नगर निगम के माध्यम से सर्वे कर आबंटन की प्रक्रिया जारी है। द्वितीय एवं तृतीय चरण में 18 ई एवं एफ टाइप के भवनों को आवंटन के बाद हटाया जा रहा है। इन्ही दो चरणों में 268 जी, एच एवं आई टाइप के भवनों को रिक्त करना आवश्यक है। गृह निर्माण मण्डल के वर्तमान में रिक्त 268 भवनों को जी.ए.डी. पूल से उपलब्ध कराना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि बोरियाकला में 2-3 बीएचके भवन उपलब्ध है। जी श्रेणी आवास के विरूद्ध 3 बीएचके तथा एच एवं आई के विरूद्ध 2 बीएचके भवन जी.ए.डी पूल में दिया जाएगा। इन भवनों की अनुमानित लागत 69 करोड़ 50 लाख रुपए है। चतुर्थ चरण में रिक्त किए जाने वाले आवासों का निर्माण नया रायपुर में प्रगति पर है।

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