Chhattisgarh-MISC-news-शिक्षाकर्मी: शासकीय पद लेकिन, अशासकीय कर्मचारी ! -  शिक्षाकर्मी-ग्लिब्स
फाइल फोटो

रायपुर। प्रदेश में संविलियन को लेकर आये दिन लम्बी चर्चा चल रही है और शिक्षाकर्मियों ने अपनी इस जंग में फतह हासिल कर ली दरअसल शिक्षाकर्मियों की मांग और हक की लड़ाई पर सरकार ने भी सहमति दे दी। और आज जब संविलियन होने वाले शिक्षाकर्मियों के खातों में वेतन का मैसेज आया। जिसकी शुरुआत बस्तर जिले से हुई है।

शिक्षाकर्मियों को वेतन मिलने की शुरूआत हो चुकी है। जैसे ही खाते में क्रेडिट का मैसेज शिक्षाकर्मियों के मैसेज में आया। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। इधर संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक  विवेक दुबे ने जीत का श्रेय  सरकार और मीडिया को दिया है,गौरतलब है  कि 2 साल पहले सरकार ने 8 साल पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों को संविलियन करने की घोषणा की थी। लेकिन कम अवधि वाले शिक्षाकर्मियों के लिए इस तरह की कोई घोषणाएं नहीं की गई।

लेकिन 8 साल से नीचे की सेवा अवधि वाले शिक्षाकर्मी एकजुट हुए। संविलियन अधिकार मंच नाम से अपना संगठन बनाया। फिर 1 सूत्रीय मांग को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखी। अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए शिक्षाकर्मियों ने दो- दो बार विधायक को ज्ञापन सौंपा।

इसके बदले विधायक से अनुशंसा पत्र लिखवाया। उसके बाद शिक्षाकर्मियों की लड़ाई सोशल मीडिया पर लगातार जारी रही है। इनकी हक की लड़ाई को देखते हुए सरकार ने इनके हित में 1 नवंबर से संपूर्ण संविलियन का निर्णय लिया। अब वेतन के साथ अब उनके संविलियन होने पर मुहर लग गया।

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