चीन जंग की कीमत पर भी अपनी सॉवेरनिटी (संप्रभुता) बनाए रखेगा। अगर बॉर्डर मसला ठीक तरीके से नहीं सुलझाया गया तो भारत-चीन के बीच जंग हो सकती है। चीन के थिंक टैंक और एक्सपर्ट्स ने ये बात कही है। बता दें कि करीब एक महीने से सिक्किम से लगे चीन बॉर्डर पर दोनों देशों के सैनिकों में टकराव है। ये सैनिक नॉन कॉम्बैटिव मोड (जंग की पोजिशन में नहीं) में रहेंगे। चीन सिक्किम के डोंगलांग में सड़क बना रहा है। भारत ने इसका सख्त विरोध किया है। दोनों देशों मे जंग हो सकती है…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन के एक थिंक टैंक ने कहा कि दोनों देशों के बीच तीन हफ्ते से बॉर्डर मुद्दे को लेकर तनाव बना हुआ है। ये दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे लंबा तनाव वाला वक्त है। अगर मसले को सही तरीके से हल नहीं किया गया तो दोनों देशों के बीच जंग भी हो सकती है।
– बता दें कि 3,448 किमी लंबी चीन-भारत बॉर्डर जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैली है। सिक्किम में ये 220 किमी लंबी है।
– चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स में लिखे आर्टिकल के मुताबिक, “चीन हर कीमत पर बॉर्डर पर अपनी सॉवेरनिटी को बरकरार रखने की कोशिश करेगा। फिर चाहे उसे भारत के साथ जंग ही क्यों न लड़नी पड़े।”
– शंघाई म्यूनिसिपल सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफेसर वांग देहुआ के मुताबिक, “चीन के हालात भी अब 1962 जैसे नहीं रहे।”
– “1962 के बाद से भारत चीन को अपना सबसे बड़ा कॉम्पिटीटर मानता है, लेकिन दोनों देशों में काफी समानताएं हैं। बड़ी आबादी वाले दोनों विकासशील देश हैं।”
– जेटली ने कहा था, “अगर वे हमें याद दिलाने की कोशिश करते हैं तो हम उन्हें बताना चाहेंगे कि 1962 और 2017 की स्थितियों में अब काफी अंतर आ गया है।”

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