तमिलनाडु 13 जनवरी chhattisgarh.co। दूर-दराज के गांवों में बसे कई सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत देखकर बच्चे यहां पढ़ने नहीं आते। ऐसा ही एक स्कूल तमिलनाडु के गांव में बना है जहां टूटी हुई छत और दीवारों की वजह से स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहे थे। जब इस स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चों को इस वजह से परेशान होते देखा तो उन्होंने खुद अपनी सैलरी से 37,000 रुपए देकर दीवारें और छत ठीक कराई।

ये स्कूल देनकनिकोट्‌टाई तालुक के कुरुकाकोल्लई गांव में स्थित है जिसका नाम पंचायत यूनियन प्राइमरी स्कूल है। इस प्रिंसिपल का नाम एन पूनकोड़ी है। इस स्कूल की मरम्मत के काम के लिए सरकार ने एक लाख रुपए पहले ही दिए थे। लेकिन जब 37,000 कम पड़ने लगे तो वह राशि प्रिंसिपल मैडम ने खुद ही दी। एन पूनकोड़ी 55 किलोमीटर दूर होसूर ये यहां पढ़ाने आती हैं। वे इस स्कूल की एक मात्र टीचर भी हैं।

एन पूनकोड़ी ने बच्चों की पढ़ाई में रूचि पैदा करने के लिए स्कूल की दीवारों पर इंग्लिश और तमिल में अल्फाबेट भी लिखवाए। यहां टेबल्स भी लिखे ताकि वे इसे देखकर मैथ्स समझ सकें। इन दीवारों पर कई नेताओं की फोटो पेंट की गई हैं। हालांकि ये स्कूल 15 साल पहले ही बनाया गया था। लेकिन इसे कुछ ही सालों में फिर से रिपेयर कराने की जरूरत पड़ गई।

हमसे जुड़ने के लिए निचे दिए लिंक को क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/FaarNbvUUhy8wPqpBBE5Ig

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here