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 मुखिया के मुखारी – दवा ,दारू दोनों में भ्रष्टाचार का नशा 

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<p><strong>13 जून 2025 :</strong> सुशासन के दावे करने वाली सरकार वही गलतियां कर रही है, जिसकी वजह से उसकी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार बदनाम होकर रुखसत हों गई ,क्या ये सरकार भी रुखसती की तैयारी कर रही है? घपले घोटालों से लदी फंदी, दाऊ दलाल गिरोह से घिरी, कांग्रेसी सरकार ने अपनी तिजौरी कई पुस्तों के लिए भर ली ,छत्तीसगढ़ियों&nbsp;का भविष्य रीता ही रह गया ,उसी रीत पर ना जानें क्यों ये सरकार चल रही है,दावे सुशासन के पर प्रशासन पूरी स्वच्छन्दता से बेलगाम हों उन्ही कारनामों को अंजाम दे रहा है, भ्रष्टाचारी बारी -बारी से जमानत पर बाहर आ रहे,अभियोजन पुलिस के प्रयासों पर न्यायालयों में पानी फेर रही,अपने ही अधिकारियों पर पुलिस कार्यवाही कर रही पर नौकर शाहों की तूती बोल रही । जिनपे आरोप हैं वों आज भी मंत्रालय में कक्षों की शोभा बढ़ा रहे ,सारे अधिकारों के साथ ACB ,EOW वालों को चिढ़ा रहे, सार्थक प्रयासों पर पलीता लगा रहे , भ्रष्टाचार की इबारतें कांग्रेसी सरकार के दौर में लिखीं गई, तो सुशासन वाली सरकार में पीठ खुजाने का दौर चल पड़ा है, भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाहियां दिखावा ही दिख रही है ,न्याय का कोई ओर छोर नही दिख रहा, जाँच एजेंसियां या तो साक्ष्य नही ढूंढ पा रही या फिर अभियोजन साक्ष्यों को न्यायालयों में विश्वनीयता प्रदान नही कर पा रहा । अपराध अन्वेषण की कमियों का फायदा अपराधियों को मिलेगा ये कमियां जाँच एजेंसियों के स्तर पर प्रश्न चिन्ह हैं ,सरकार के असरकार होने पर सवाल ही सवाल हैं, स्वास्थ्य ,शिक्षा ,बिजली ,पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर सरकार सवालों से घिरी है।</p>

<p><a href=”https://chhattisgarh.co/news-detail/331912″>ये भी पढ़े :&nbsp;मुखिया के मुखारी &ndash; कर्महिनों को कर्मठता नही भाति</a></p>

<p>स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य ख़राब है ,घोटालों की बयार है,जल जीवन मिशन के नलों से जल की एक बूंद आजतक कई गाँवो में नही टपकी है,शिक्षा युक्तियुक्तकरण से उबर नही पा रही ,हवा चली नही की बिजली गुल हों रही ,इस आलम में भी सुशासन के दावे हैं । बौद्धिकता स्तरहीन नही हों सकती भाजपा प्रवक्ता कुतर्कों के साथ सरकार का बचाव नही कर सकते ये भाजपा प्रवक्ताओं की राष्ट्रीय समस्या है ,कांग्रेसियों को इसकी महारथ है और उनका प्रयास जारी है, जिन घपले घोटालों में दाऊ दलाल गिरोह की संलिप्तता सरकार बताती है वों क्या अपने अंजाम तक पहुँच रहे हैं ? या रास्ते में ही दम तोड़ रहे हैं ? स्वास्थ्य विभाग की नित नई कारगुजारियां बता रही की नए मुल्ले को भी प्याज पसंद है ,CGMSC में प्रतिनियुक्ति पर जमे अधिकारी ,कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार क्या बिना संरक्षण के कर लिया, बेहिसाब संपत्तियां ,कम्पनियां इन्होंने ऐसे ही बना ली, सिंडीकेट इनका कैसे बना सालों इनका स्थानान्तरण नही हुआ,जिस डायग्नोस्टिक सेंटर के जरिये मशीन सप्लाई में गड़बड़ी की गई उसका मालिकाना हक़ भी इसी सिंडिकेट के पास है।</p>

<p>रायपुर में मेडिकल स्टोर्स के चेन का एक ही नाम से संचालन यही सिंडीकेट हिस्सेदारी में कर रहा,मेडिकल काम्प्लेक्स में थोक के दवाई दूकान में भी हिस्सेदारी है, यही कहानी मोक्षित और 9M की है, बसंत कौशिक और उनकी पत्नी ने सालों से बैंक से तनख्वाह बिना निकाले शाही जीवन कैसे जिया ? सरकार बदली पर परिस्थितियां नही बदली क्योंकि इस सिंडीकेट के सदस्य हैं दिवंगत भाजपा विधायक के पुत्र उन्होंने भ्रष्टाचार के जुल्फों की बेनी करिने से फिर गुंथी ,पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का कोई बयान कभी किसी ने इस घोटाले पर पढ़ा क्या ? वों तब भी मौन थे, आज भी मौन हैं, वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री अपने स्वास्थ्य से बड़ा स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य को समझते नही, पद्मिनी भोई और चंद्रकांत वर्मा जैसे अधिकारियों पर सरकार की मेहरबानी बता रही की सरकार आरोपों को नजरअंदाज कर रही है, मोक्षित प्रिज्म, तुल्स्यान की संलिप्तता हिस्सेदारी सबकों विदित है पर जाँच एजेंसियां और सरकार इन पर मुदित है ,इसकी वजह तो है दवा ईलाज का नही अवैध कमाई का जरिया बन गया है, दिखावे की कार्यवाही हों रही प्रिज्म ,तुल्स्यान को अभयदान क्यों मिला हुआ है ?&nbsp; ये बानगी है जीरो टालरेंस की जिसमें कुछ नप गए जिनकी कल जमानत हों जाएगी और और जो नापे नही गए वों जुगाड़ करेंगे जमानत की ,बेनामी सम्पत्तियों को ठिकाने लगाने की CGMSC में पुरानी सरकार के दौर में हर अधिकारी लाल हुआ आज भी लाल हों रहा, मंत्री बदल गए, सरकार बदल गई, नही बदला तो यहां का ढर्रा । कमाई बेहिसाब है जिसकी वजह से मंत्री को भी छवि की परवाह नही है,घोटाले की परत खुलने की जगह नई परतें चढ़ाई जा रही है,रसायन परा स्नातक मंत्री भ्रष्टाचार के रसायन में सुशासन गढ़ रहें इस कार्यशैली से सुशासन वाली सरकार समझें की उसकी दशा -और दिशा क्या होने वाली है, क्योंकि सरकार के ————————&nbsp; &nbsp;दवा ,दारू दोनों में भ्रष्टाचार का नशा&nbsp;</p>

<p><strong>चोखेलाल</strong></p>

<p><strong>आपसे आग्रह :</strong></p>

<p><strong>कृपया चोखेलाल की टिप्पणियों पर नियमित रूप से अपनी राय व सुझाव इस नंबर 6267411232 पर दें, ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके।</strong></p>

<p><strong>मुखिया के मुखारी&nbsp;व्यवस्था पर चोट करती चोखेलाल की टिप्पणी</strong></p>

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