<p>सरकार किसी भी पार्टी की हो विकास के दावें बड़े -बड़े करती हैं,जंगल, खनिज { रेत मुरम } कोयला ,शराब, पेट्रोलियम पदार्थ इन प्राकृतिक संसाधनों पे सरकार की निर्भरता बताती है की विकास की वास्तविकता क्या है? पुरानी सरकार के घपले घोटालों की लंबी सूची में रेत भी शामिल था,रेत के प्रति आसक्त राजनीतिज्ञों की सूची में नया नाम पामगढ़ की कांग्रेस की महिला विधायक का जुड़ा है, वायरल हुई आडियो क्लिप के बारे में उनका कथन है कि ,यह अगस्त 2024 का क्लिप है ,जिसे अभी वायरल किया गया है, उनकी स्वीकारोक्ति है , फिर भी दीपक बैज को उसमें बदनामी का एंगल दिख रहा, भ्रष्टाचार के आरोपों से बजबजाती कांग्रेस खुद अपने कर्मों से बदनाम हो रही ,उसे बदनाम करने की जरूरत ही नही ,जिस पार्टी का विधायक और पूर्व मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं ,पूर्व मुख्यमंत्री कई मामलों में नामजद अपराधी हैं ,बेटा उनका जेल में है,कई पूर्व विधायकों ,नेताओं के खिलाफ जाँच चल रही, जाँच एजेंसियों के दफ्तरों के चक्कर लग रहे, जिस पार्टी का पूर्व कोषाध्यक्ष फरार है, जिन्होंने सट्टा से लेकर CGPSC तक कोई विभाग नही छोड़ा,जहाँ भ्रष्टाचार की फसलें बोयी और काटी गई, अधिकारियों की भी जेल यात्राएं हो गई, छुटभैय्ये कांग्रेसियों ने जेल की आबों हवा में खुलकर साँस ली, जिस सरकार के उच्च पदस्थ अखिल भारतीय और राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की नई -नई इबारतें लिखीं, सरकार के मुखिया से लेकर ब्लाक अध्यक्ष तक सबने छत्तीसगढ़ को लूटा, फिर भी बैज साहब फटा ढोल बजा रहे अपनी पार्टी की ईमानदारी की पोल खोल रहे ,इस मसले पे कब नही झूट बोला है कांग्रेसियों ने, बलौदाबाजार हिंसा मामलें में भिलाई विधायक की गिरफ्तारी क्यों हुई ?</p>
<p><strong><a href=”https://chhattisgarh.co/news-detail/340755″>ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी – रंग बदलते -बदलते बेरंग न हो जाओ</a></strong></p>
<p>छत्तीसगढ़िया वाद के सिर्फ नारे बुलंद किए थे आपने ,तीनों राज्यसभा सांसद गैर छत्तीसगढ़िया निगम आयोग के पदाधिकारियों के लिए भी यही व्यवस्था, देवेन्द्र यादव किस मापदंड से बिलासपुर लोकसभा के प्रत्याशी बनाए गए थे ? कहीं दिख रही है छत्तीसगढ़ियों के लिए कोई जगह ? विधायक खुलेआम अधिकारियों से मिल वसूली कर रही फिर भी आपकों उसूल याद नही आ रहे ,आप थेथरई कर रहे ये कैसा न्याय है ? बिना जाँच के ही आप क्लीन चिट दे रहे, स्वयंभू न्यायालय बन रहे, दिया बाती और तेल से मिलकर दीपक बनता है जन गण मन से लोकतंत्र संवरता है ,भ्रष्टाचार की आंधी ने सरकार का दीपक बुझा दिया तो फिर विपक्षी दीपक के अवसान के लिए हवा ही काफी है। छत्तीसगढ़ का दुर्भाग्य है की विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों एक ही बिमारी से ग्रसित हैं, सावन के अंधो के लिए सबकुछ हरा -हरा है ,माननीयों का भ्रष्टाचारी होना भी उनका मान बढ़ाता है, सरकार हांथ पे हांथ धरे बैठे रहती है, कर्मचारी, अधिकारी ,मंत्री ,विधायक से लेकर विपक्षी विधायक तक खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे, रेत के लिए लाखों का सौदा कर रहे, तहसीलदार की भी वसूली का आडियो वायरल है।</p>
<p><a href=”https://chhattisgarh.co/news-detail/340846″>ये भी पढ़े : सर्वपितृ अमावस्या 2025 : पितृ पक्ष के आखिरी दिन जरूर करें ये काम, बनी रहेगी पितरों की कृपा</a></p>
<p>हजारों की मशीन लाखों में खरीद भ्रष्टाचार की रोटी पकाई जा रही ,दवाई में ईलाज कम ईमान ज्यादा बदनाम हो रहा ,फिर भी सरकार है की इस वायरस को हर विभागों तक पहुँचाने आतुर है ,ऐसा नही है की मीडिया को इसकी भनक नही है, पर विज्ञापनों, जमीन ,मकानों की झमक ने कलम को कुंद कर दिया ,मीडिया मालिकों के भवन ,दुकान और पत्रकारों के मकान सरकारी सौगातें हैं ,उपकृत्य हैं इसलिए अपना कृत्य भूले हुए हैं, जनसंपर्क में मीडिया वाले घुटनों के बल जातें हैं, इसलिए अपना बल भूलें हैं, अख़बार जो छपते नहीं, चैनल जो दिखते नही उन्हें भी विज्ञापन मिलता है, ये विधा ही ऐसी है की हर किरदार लाखों में खेलता है ,सुपर स्टारों की कीमतें करोड़ो में है ,दिल्ली बाम्बे के अतिथि कलाकारों को भी करोड़ो वारे जा रहे, आरटीआई कार्यकर्ताओं का भी वास्ता आई तक ही है । नाता छत्तीसगढ़ से देता नही दिखाई ,सुचना आयुक्त वाली लालसा में घर बैठे ही अपने स्वार्थ पूर्ति की सुचना के इंतजार में जन को भुला बैठें हैं, कुछ को क्रांति करनी है छत्तीसगढ़ में ,पर जन सरोकार के मुद्दे पे शांत ही रहते हैं ,शांति और क्रांति दो जुड़वाँ भाई हैं जिनका उपयोग वो अपनी मर्जी से करतें हैं, कभी भी एक दुसरे की पीठ दिखा छत्तीसगढ़ के पीठ में छुरा घोपते हैं । भ्रष्टाचार की इस सर्व व्यापकता में सबकी हिस्सेदारी है, छत्तीसगढ़ियों पर संकट भारी है, सरकार ,विपक्ष ,मीडिया ,सामाजिक कार्यकर्ता सब मौन सब बांट रहे अपनी -अपनी आहुति इस भ्रष्टाचार के अपवित्र यज्ञ में डाल रहे अधिकार से भरे हैं ,कर्तव्य को भूलें हैं, सेवा से ज्यादा मेवा की चाहत है ,जनता से नही पैसों से लगाव है ,छत्तीसगढ़ के भविष्य की नही अपने सात पीढ़ियों के भविष्य को संवारने का इरादा है,परिस्थिति ऐसी है की छत्तीसगढ़ महतारी उन शब्दों, भावों को ढूंढ रही है जो ऐसे गुंजित होती है —————–मोर संग चलव रे ,मोर संग चलव गा </p>
<p><strong>चोखेलाल</strong></p>
<p><strong>आपसे आग्रह :</strong></p>
<p><strong>कृपया चोखेलाल की टिप्पणियों पर नियमित रूप से अपनी राय व सुझाव इस नंबर 6267411232 पर दें, ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके।</strong></p>
<p><strong>मुखिया के मुखारी व्यवस्था पर चोट करती चोखेलाल की टिप्पणी</strong></p>

