नेपाल में हिंसा के बाद सरकार का एक्शन! दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को राहत पैकेज

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काठमांडू: नेपाल के सुनसरी में बीते दिनों दो समुदायों के बीच झड़प का मामला सामने आया। इस दौरान कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हो गई। वहीं सुनसरी के कप्तानगंज में पुलिस की गोलीबारी में दो युवकों की मौत भी हो गई। अब दोनों युवकों की मौत के मामले में नेपाल सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच 7 सूत्रीय समझौता हुआ है। यह समझौता गुरुवार देर रात सरकार की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुङ तथा मृतक ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता के परिजनों के बीच संपन्न हुआ।

देवानगंज गाउंपालिका के अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता के अनुसार, समझौते पर गृह मंत्री सुदन गुरुङ, ओमप्रकाश मेहता के पिता कृष्णदेव मेहता और जयप्रकाश मेहता के पिता नरेश मेहता ने हस्ताक्षर किए। गौरतलब है कि सुनसरी जिले के देवानगंज गाउंपालिका स्थित कप्तानगंज में पुलिस फायरिंग के दौरान ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता की मौत हो गई थी।

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समझौते में किन-किन बातों पर सहमति बनी

  1. नेपाल सरकार दोनों मृतकों को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करेगी तथा उनके परिवारों को प्रत्येक को 10 लाख नेपाली रुपये की राहत सहायता प्रदान करेगी।
  2. घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का भी सरकार ने आश्वासन दिया है।
  3. देवानगंज गाउंपालिका स्थित मदरसे की कानूनी स्थिति की तत्काल जांच शुरू की जाएगी। वहां रह रहे दोषियों को कानून के दायरे में लाने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
  4. दोनों शोकाकुल परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
  5. घटना की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों और सुझावों को भी कानून के अनुसार यथाशीघ्र लागू करने पर सहमति बनी है।
  6. स्थानीय सरकार के समन्वय से इस क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर मृतकों की स्मृति में स्मारक पार्क का निर्माण किया जाएगा।
  7. सरकार और परिजनों के बीच समझौता होने के बाद दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे किए जाने का कार्यक्रम तय किया गया है।

सुनसरी में विवाद के बीच सांप्रदायिक हिंसा

बता दें कि भारत से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में धार्मिक जुलूस के दौरान विवाद हो गया। गुरुवार को यह विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। कई जगह पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ हुई। इस दौरान दर्जनों गाड़ियों में आग लगा दी गई, इमारतों को फूंक दिया गया। दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ की गई। वहीं हालात को देखते हुए प्रशासन ने 4 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है। सेना ने हिंसा प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है। सेना के जवान लगातार इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। साथ ही जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी की जा रही है। इस बीच नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह ने लोगों से शांति की अपील की है। उन्होंने हिंसा के दोषियों को सख्त सजा दिलाने का वादा भी किया है।

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