शराब दुकान के विरोध में महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, गेट तोड़ा; विधायक विक्रम मंडावी ने दिया समर्थन

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बीजापुर :  जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम संगमपल्ली (मद्देड) में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं और बच्चों ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और उन्होंने पुलिस की घेराबंदी को लांघते हुए शराब दुकान के गेट को तोड़ डाला। इनके प्रदर्शन को कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने समर्थन देते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप क्या है ?

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना ग्राम सभा की सहमति और स्थानीय लोगों की मर्जी के खिलाफ इस दुकान को खोला जा रहा है, जिससे गांव में नशाखोरी बढ़ेगी और सामाजिक ताना-बाना बिगड़ेगा।

तत्काल शराब दुकान हटाने की मांग

ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की जगह सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोल रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल इस दुकान को हटाने का आदेश जारी किया जाए अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।

विधायक विक्रम मंडावी का समर्थन

ग्रामीणों के प्रदर्शन को समर्थन देने विधायक विक्रम मंडावी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

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भाजपा पर बोला तीखा हमला

विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा सरकार स्कूलों को बंद कर आदिवासी युवाओं को नशे की लत लगा रही है, जहां शिक्षा और रोजगार के अवसर दिए जाने चाहिए, वहां सरकारी अंग्रेजी शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। यह युवाओं को जानबूझकर बर्बाद करने की साजिश है।”

शराब दुकान का प्रस्ताव निरस्त करने की मांग

उन्होंने आगे कहा कि बस्तर के आदिवासी युवा पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में नशे की दुकानें खोलना उनके जीवन को और बर्बाद करने जैसा है। विधायक ने प्रशासन से अपील की कि ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लिया जाए और शराब दुकान का प्रस्ताव तत्काल निरस्त किया जाए।

ग्रामीणों ने जाहिर की चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि संगमपल्ली जैसे गांव में शराब दुकान खुलने से घरेलू हिंसा, आपसी झगड़े और युवाओं में नशाखोरी बढ़ने का खतरा है। कई महिलाओं ने भी प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई और कहा कि ना सिर्फ परिवारों की शांति भंग होगी बल्कि इसका असर खेती किसानी पर भी पड़ेगा।

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