मुखिया के मुखारी

मुखिया के मुखारी – उठों लाल —-पानी लाई हूँ—–भ्रष्टाचार से सने मेरे तन को धो दों 

मुखिया के मुखारी – उठों लाल —-पानी लाई हूँ—–भ्रष्टाचार से सने मेरे तन को धो दों