मुखिया के मुखारी – हार से सरदार और सूबेदार दोनों परेशान हैं
मुखिया के मुखारी – हार से सरदार और सूबेदार दोनों परेशान हैं
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी – हार से सरदार और सूबेदार दोनों परेशान हैं
मुखिया के मुखारी – चव्वनी को रुपया से बड़ा समझने की ये है भूल….
मुखिया के मुखारी – ना तुम हो किसान – ना अब रहोगे किसी की शान….
मुखिया के मुखारी – दिल गलती कर बैठा है ….
मुखिया के मुखारी – हम विपक्षी – हम तो चुपेचाप…
मुखिया के मुखारी –विवादों से नहीं वादों से नाता रखिए…
मुखिया के मुखारी – हम हैं किसान और हमी रहेंगे छत्तीसगढ़ की शान…
मुखिया के मुखारी – अद्भुत – चाल चरित्र और चेहरा….
मुखिया के मुखारी – राजा, लोकतंत्रीय राजा के बीच वार ही वार….
मुखिया के मुखारी –पुरुषार्थ के नाम पर पड़ोसी ने धो "डाला"